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बिजनेस


आज़ादी के डिजिटल महोत्सव का उद्घाटन किया राजीव चंद्रशेखर ने

नयी दिल्ली, 29 नवंबर (वार्ता) सूचना प्रौद्योगिकी राज्‍य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को कहा कि लोगों के जीवन को बदलने, डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने तथा देश के लिए रणनीतिक लाभ हासिल करने में काफी योगदान किया है। उन्होंने राजधानी में इंडिया हैबिटेट सेंटर में सप्ताह भर चलने वाले आज़ादी का डिजिटल महोत्सव का शुभारंभ किया है। यह कार्यक्रम सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने आयोजित किया है।
इस अवसर पर उद्घाटन सत्र में डिजिटल इंडिया के तहत 75 सफलता की कहानियां, डिजिटल इंडिया की उपलब्धियों पर एक फिल्म और एट 75भारत की एआई यात्रा का शुभारंभ हुआ तथा सहायता प्राप्‍त मोड में उमंग सेवाओं के वितरण की नीति की भी घोषणा की गई।
सरकार और स्टार्ट-अप की पहल पर आधारित लगभग 50 स्टॉलों वाले प्रदर्शनी हॉल को खोला गया।
समारोह में इलेक्‍टॉनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में सचिव अजय साहनी और इलेक्‍टॉनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में अपर सचिव डॉ. राजेंद्र कुमार, नैस्‍कॉम की अध्‍यक्ष देबजानी घोष और माईगोव एवं एनईजीडी के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक सिंह शामिल थे।
श्री चंद्रशेखर ने कहा कि 2021 एक महत्‍वपूर्ण वर्ष है। डिजिटल इंडिया ने डिजिटल बुनियादी ढांचे तथा सेवाओं के लचीलेपन को साबित कर दिया है और भारत महामारी के बाद की दुनिया में अधिक आत्मविश्वास वाला और अधिक आशावादी राष्ट्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया ने लोगों के जीवन को बदलने, डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने और देश के लिए रणनीतिक लाभ पैदा करने में काफी योगदान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी के लिए सूचना संपर्क (कनेक्टिविटी), सरकारी सेवाओं और उत्पादों का स्मार्ट ढांचे के साथ डिजिटलीकरण, भारत में एक अरब डालर की डिजिटल अर्थव्यवस्था, वैश्विक मानक कानून, नेतृत्व प्रौद्योगिकी विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में उन्नत प्रौद्योगिकी का नेतृत्‍व और 5जी एवं व्यापक-आधारित कौशल और प्रतिभा पूल के क्षेत्र पर विशेष ध्यान दे रही है।
श्री साहनी ने कहा कि अब समय आ गया है कि उद्योग के साथ साझेदारी में राष्ट्रव्यापी सार्वजनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सामाजिक क्षेत्रों में एकल परियोजनाओं का सामंजस्य स्थापित किया जाए। उन्होंने सेवाओं की पूरी श्रृंखला प्राप्त करने के लिए सिंगल साइन-ऑन, मल्टीपल विंडो पर जोर दिया और सेवा वितरण केंद्रों के सहायता प्राप्त मोड में नागरिकों को वॉक-इन करने की पसंद पर जोर दिया।
श्री सिंह ने बताया कि 50 स्टॉलों वाली एक प्रदर्शनी में सरकारी स्कूलों की शीर्ष 20 टीमें एआई समर्थित समाधान दिखा रही हैं।
डॉ. राजेंद्र कुमार ने कहा कि भारत ने दुनिया के डिजिटल क्षेत्र में अपना स्थान बना लिया है और अब भारत दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल निर्माण देशों में से एक है। सुश्री देबजानी घोष ने समावेशी विकास के लिए प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत के योगदान की सराहना की।
मनोहर.श्रवण
वार्ता
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