Tuesday, Nov 13 2018 | Time 01:38 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
भारत Share

समलैंगिकता मामले में सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को फैसला सुनायेगा

नयी दिल्ली 05 सितम्बर (वार्ता) उच्चतम न्यायालय समलैंगिकता को अपराध करार देने संबंधी भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 की संवैधानिक वैधता का चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार को फैसला सुनाएगा।
मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ इस मामले में नवतेज सिंह जोहार की अपील पर अपना फैसला सुनाएगी। संविधान पीठ में न्यायमूर्ति रोहिंगटन एफ नरीमन, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा भी शामिल हैं।
संविधान पीठ ने मामले की चार दिन लगातार सुनवाई करने के बाद गत 17 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान कहा था कि अगर कोई कानून मौलिक अधिकारों का हनन करता है तो वह इस बात का इंतज़ार नहीं करेगा कि सरकार उसे रद्द करे। शीर्ष अदालत ने कहा था, “अगर हम समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर भी करते हैं, तब भी किसी से जबरन समलैंगिक संबंध बनाना अपराध ही रहेगा।”
न्यायालय ने कहा था, “नाज फाउंडेशन मामले में 2013 के फैसले पर फिर से विचार करने की जरूरत है, क्योंकि हमें लगता है कि इसमें संवैधानिक मुद्दे जुड़े हुए हैं। दो वयस्कों के बीच शारीरिक संबंध क्या अपराध है, इस पर बहस जरूरी है। अपनी इच्छा से किसी को चुनने वालों को भय के माहौल में नहीं रहना चाहिए।”
उल्लेखनीय है कि यौनकर्मियों के कल्याण के लिए काम करने वाली संस्‍था नाज फाउंडेशन ने दिल्ली उच्च न्यायालय में यह कहते हुए इसकी संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाया था कि अगर दो वयस्क आपसी सहमति से एकांत में अप्राकृतिक यौन संबंध बनाते हैं तो उसे अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाना चाहिए।
उच्च न्यायालय ने 2019 में धारा 377 को निरस्त करते हुए अप्राकृतिक यौन संबंध को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया था, लेकिन कुछ ही साल बाद शीर्ष अदालत ने 2013 में उच्च न्यायालय के फैसले को पलटते हुए समलैंगिकता को फिर से अपराध घोषित कर दिया था। इस मामले में दोषी करार दिये जाने पर आरोपियों को 10 साल की सजा से लेकर उम्रकैद की सजा हो सकती है और यह गैर-जमानती भी है।
सुरेश.श्रवण
वार्ता
More News
सीएसआर के तहत एक हजार करोड़ के कार्य करवाने का लक्ष्य: मनोहर

सीएसआर के तहत एक हजार करोड़ के कार्य करवाने का लक्ष्य: मनोहर

12 Nov 2018 | 10:46 PM

नयी दिल्ली / गुरूग्राम 12 नवंबर (वार्ता) हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उद्योग जगत से आहवान किया है कि वे सरकार के प्रयासों में भागीदारी करते हुए विकास कार्यों को त्याग समर्पण की भावना से आगे बढायें और स्वेच्छा से अपनी कमाई का 10 वां हिस्सा सार्वजनिक कार्यो में लगाने की भारतीय इतिहास की परंपरा को बनाए रखें।

 Sharesee more..
अयोध्या विवाद: त्वरित सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इन्कार

अयोध्या विवाद: त्वरित सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इन्कार

12 Nov 2018 | 9:52 PM

नयी दिल्ली, 12 नवम्बर (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की त्वरित सुनवाई की याचिका सोमवार को ठुकरा दी।

 Sharesee more..
धारा 375 के खिलाफ याचिका की सुनवाई से इन्कार

धारा 375 के खिलाफ याचिका की सुनवाई से इन्कार

12 Nov 2018 | 9:45 PM

नयी दिल्ली, 12 नवम्बर (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने लिंग निरपेक्षता के आधार पर बलात्कार के अपराध से संबंधित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 375 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इन्कार कर दिया है।

 Sharesee more..
चुनाव आयोग ने नई वेबसाइट का किया शुभारंभ

चुनाव आयोग ने नई वेबसाइट का किया शुभारंभ

12 Nov 2018 | 10:19 PM

नयी दिल्ली 12 नवंबर (वार्ता) चुनाव आयोग ने सोमवार को अपनी नई वेबसाइट की शुरुआत की जो उपयोगकर्ताओं के लिए बेहद सरल और सुगम होगी।

 Sharesee more..
सुरक्षा आयामों को समन्वित करने की जरूरत: कोविंद

सुरक्षा आयामों को समन्वित करने की जरूरत: कोविंद

12 Nov 2018 | 9:38 PM

नयी दिल्ली, 12 नवम्बर (वार्ता) राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में देश में सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं को समन्वित करने की आवश्यकता जतायी है।

 Sharesee more..
image