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गांधी विचारों के प्रबल समर्थक रहे परिपूर्णानंद पैन्यूली : किदवई

नयी दिल्ली, 04 मई (वार्ता) पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई ने कहा है कि स्वतंत्रता सेनानी तथा टिहरी के पूर्व सांसद परिपूर्णानंद पैन्यूली गांधीजी की विचारधारा के प्रबल समर्थक थे और उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारकर हमेशा उनका पालन करते रहे।
श्रीमती किदवई ने श्री पैन्यूली को श्रद्धांजलि देने के लिए शनिवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि श्री पैन्यूली उनके मित्र थे और वह जब भी देहरादून से दिल्ली आते तो उनसे मिलने का जरूर प्रयास करते थे। उन्होंने कहा कि वह जब भी मिलते थे तो टिहरी के राजा के अत्याचारों की बात करते और राजशाही के खिलाफ जरूर बोलते थे। उन्होंने कहा कि वह हमेशा खादी वस्त्र पहनते और सभी को सम्मान देने पर भरोसा रखते थे।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि श्री पैन्यूली ने जीवन में कभी समझौता नहीं किया। समझौतावाद उनके स्वभाव में था ही नहीं और अगर लेशमात्र भी यह स्वभाव होता तो वह राजनीति का बहुत ऊंचा मुकाम हासिल कर सकते थे। उन्होंने कहा कि वह समन्वयवादी थे और उस दौर में गांधीजी के सिद्धांतों के अनुसार आदिवासियों और दलितों के हितों के लिए काम करते रहे।
उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि श्री पैन्यूली का कद बहुत ऊंचा था लेकिन अफसोस इस बात का है कि वह जिस सम्मान के हकदार थे सही मयाने में उन्हें वह सम्मान मिला नहीं। उनको जीवन में जितना सम्मान मिला है वह उसे कई ज्यादा सम्मान के हकदार थे।
कार्यक्रम में उपस्थिति कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए स्वतंत्रता संग्राम में श्री पैन्यूली के योगदान और उनकी सादगी की सरहाना की और उनसे जुड़े कई संस्मण सुनाए।
अभिनव टंडन
वार्ता
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