Monday, Oct 14 2019 | Time 13:43 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • विहिप को नहीं मिली विवादित परिसर में दीपोत्सव की मंजूरी
  • स्वर्णकार पर हमला कर चार लाख रुपए एवं सोना लूटा
  • मोबाइल पर नवंबर से उपलब्ध होगा इसरो का ‘नाविक’
  • सितंबर में थोक मुद्रास्फीति 0 33 प्रतिशत पर
  • बंटी और बबली के सीक्वल में काम करेंगे माधवन
  • बंटी और बबली के सीक्वल में काम करेंगे माधवन
  • बंटी और बबली के सीक्वल में काम करेंगे माधवन
  • रीटा चौधरी की राजनीतिक प्रतिष्ठा फिर दांव पर
  • जम्मू से नशीले मादक पदार्थ तस्कर गिरफ्तार
  • सितंबर में थोक मुद्रास्फीति घटकर 0 33 प्रतिशत पर
  • सितंबर में थोक मुद्रास्फीति घटकर 0 33 प्रतिशत पर
  • कश्मीर में पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवा बहाल
  • दिल्ली में मौसम सुहाना
भारत


गौतम नवलखा मामले में महाराष्ट्र सरकार ने दायर की कैविएट अर्जी

नई दिल्ली, 17 सितंबर (वार्ता) महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव से जुड़े गौतम नवलखा मामले में राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में आज एक कैविएट याचिका दायर की।
महाराष्ट्र सरकार ने कैविएट अर्जी दायर करके कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा की बॉम्बे उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ किसी अर्जी पर फैसला लेने से पहले उसका पक्ष भी सुना जाना चाहिए।
उच्च न्यायालय ने नवलखा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द कर दी थी, जिसके खिलाफ वह शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
उच्च न्यायालय ने भीमा-कोरेगांव हिंसा और माओवादियों के साथ कथित जुड़ाव के लिए नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा के खिलाफ दर्ज मामले को खारिज करने से इनकार करते हुए पिछले दिनों कहा था कि मामले में प्रथम दृष्टया तथ्य दिखता है।
न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की पीठ ने कहा था कि मामले की व्यापकता को देखते हुए उसे लगता है कि पूरी छानबीन जरूरी है। पीठ ने कहा था कि यह बिना आधार और सबूत वाला मामला नहीं है।
पीठ ने नवलखा की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी थी जिन्होंने जनवरी 2018 में पुणे पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को खारिज करने की मांग की थी। एल्गार परिषद द्वारा 31 दिसंबर 2017 को पुणे जिले के भीमा-कोरेगांव में कार्यक्रम के एक दिन बाद कथित रूप से हिंसा भड़क गई थी।
सुरेश.श्रवण
वार्ता
image