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श्रीनगर केंद्रीय जेल दंगा मामले में कश्मीरी पत्रकार की जमानत याचिका मंजूर

श्रीनगर 15 मई (वार्ता) जम्मू कश्मीर में श्रीनगर की एक अदालत ने 2019 में श्रीनगर केंद्रीय जेल दंगा मामले में कश्मीरी पत्रकार आसिफ सुल्तान की जमानत याचिका को मंजूरी दे दी है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अधिनियम श्रीनगर के तहत नामित विशेष न्यायाधीश ने गत 10 मई को सुल्तान को यह कहते हुए जमानत दे दी कि आरोपी को आगे हिरासत में रखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
विशेष न्यायाधीश ने कहा कि याचिकाकर्ता/आरोपी फरवरी 2024 तक पहले से ही पीएसए (सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम) के तहत जेल में बंद रहा उसे आगे हिरासत में रखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा। याचिकाकर्ता/आरोपी व्यक्ति को 1,00,000/- रुपये की जमानत राशि और इतनी ही राशि की एक जमानत राशि के साथ जमानत बांड प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा जब भी जरूरत होगी, उन्हें मामले से संबंधित जांच अधिकारी के सामने पेश होना होगा।
सुल्तान पर श्रीनगर की केंद्रीय जेल से संबंधित एक मामले में मामला दर्ज किया गया था, जहां अप्रैल 2019 में कुछ कैदियों को स्थानांतरित किए जाने की अफवाहों के बाद कैदियों ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर एक अस्थायी आश्रय स्थल में आग लगा दी लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि आरोपी के खिलाफ आरोप यह है कि 04 अप्रैल, 2019 को उसने केंद्रीय जेल में अन्य जेल कैदियों के साथ मिलकर कुछ बैरकों में आग लगा दी और देश विरोधी नारे लगाये तथा जेल कर्मचारियों पर पथराव किया, जिससे कुछ अधिकारियों को चोटें आईं। गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत रैनवारी थाने में मामला दर्ज किया गया था।
सुल्तान को 2018 में प्रतिबंधित आतंकवादी समूह के लिए काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन पर यूएपीए और कई अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। शुरुआत में उन्हें अप्रैल 2022 तक श्रीनगर सेंट्रल जेल में रखा गया था और पीएसए के तहत उत्तर प्रदेश की जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। दिसंबर 2023 में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने उनका पीएसए रद्द कर दिया और मार्च में उन्हें उत्तर प्रदेश की जेल से रिहा कर दिया गया। उन्हें 2019 श्रीनगर सेंट्रल जेल हिंसा मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फिर से गिरफ्तार कर लिया। कैद में रहने के दौरान सुल्तान को 2019 में अमेरिकन नेशनल प्रेस क्लब से जॉन औबुचोन प्रेस फ्रीडम पुरस्कार मिला था।
अशोक.साहू
वार्ता
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