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सुशासन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: शिवराज

भोपाल, 29 नवंबर (वार्ता) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में सुशासन की दिशा में कार्य करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लोगों को बिना लिये- दिये सेवा समय पर मिले, यह सुशासन है। पात्रों को सुविधाजनक ढंग से लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाये।
श्री चौहान आज यहां मंत्रालय में कलेक्टर्स, कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक और आईजी की वीडियो कांन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ बिना किसी असुविधा के लोगों को मिल सके, इसके लिए दढ़-संकल्पित होकर कार्य करें। श्री चौहान ने लाभ स्वीकृति के बाद हितलाभ वितरण की प्रक्रिया को आधार से जोड़कर आसान और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। सभी स्तरों पर टेक्नॉलॉजी का ऑटोमेशन करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने 15 नवंबर से चलाये जा रहे सुशासन अभियान में जन-प्रतिनिधियों और क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों का भी सहयोग लेने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम और प्रत्येक वार्ड में हितग्राही मूलक योजना की पात्रता के आधार पर छूटे हुए हितग्राहियों से आवेदन प्राप्त कर आवेदन प्राप्ति के अधिकतम 15 दिन बाद शिविर लगाकर जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हितग्राहियों को हित लाभ के स्वीकृति पत्र वितरित करें। उन्होंने हर हाल में शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए।
श्री चौहान ने कहा कि जिन दबंगों एवं भू- माफियाओं ने जमीनों पर अतिक्रमण कर रखा है उसे मुक्त करायें। भू- माफिया से मुक्त कराई गई जमीन गरीबों को दें, जिससे उनके आवास बन सकें। हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए पूरी ताकत से अभियान चलायें। पात्र हितग्राही लाभ से वंचित नहीं रहे। सीएम हेल्पलाइन, जन-सुनवाई, मुख्यमंत्री के भ्रमण और जनदर्शन में मिले आवेदनों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाये। सभी कलेक्टर्स ध्यान देकर मुख्यमंत्री को प्राप्त आवेदनों का संवेदनशीलता के साथ संतुष्टिपूर्ण निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें अधिक समय तक लंबित न रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हितग्राहियों को लाभ स्वीकृत करने के बाद वितरण की व्यवस्था पारदर्शी ढंग से हो। न-प्रतिनिधियों, समाज-सेवियों, क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की उपस्थिति में स्वीकृति पत्र बांटे जाएँ। पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ व्यापक प्रचार- प्रसार कर तेजी से पहुँचायें। हितग्राहियों को लाभ पहुँचाना सबसे महत्वपूर्ण अभियान है।
श्री चौहान ने कोरोना की समीक्षा करते हुए कहा कि ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए जहां भी पीएसए प्लांट की स्थापना हो रही है उन्हें चालू कराने की कार्यवाही क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की उपस्थिति में करें। इसके लिए पहले से ट्रायल रन कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक प्रथम डोज लगाने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाए। अलीराजपुर और बड़वानी जिले मेहनत कर कोरोना वेक्सीन की द्वितीय डोज का प्रतिशत बढ़ायें। अन्य जिले जहाँ द्वितीय डोज लगने का प्रतिशत कम है, ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि कोरोना के नए वेरिएंट की दुनिया भर में चर्चा है। इसलिए तीसरी लहर रोकने का हरसंभव उपाय करें। उन्होंने कहा कि जो लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं उन्हें रोकना-टोकना शुरू करें। आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा कर चुस्त-दुरुस्त रहें। लापरवाही नहीं करें।
मुख्यमंत्री ने सिकल सेल एनीमिया मिशन की समीक्षा करते हुए कहा कि यह लाल रक्त कोशिकाओं का अनुवांशिक रोग है। हीमोग्लोबिन की संरचना में बदलाव के कारण खून की कमी हो जाती है। इस रोग की जागरूकता के लिए जन-भागीदारी सुनिश्चित करें। जन-अभियान परिषद के माध्यम से मिशन को क्रियान्वित करें।
श्री चौहान ने कहा कि जिनके पास रहने की जमीन नहीं है, उन्हें प्लाट देना अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। रहने की जमीन का टुकड़ा बुनियादी अधिकार है। व्यवस्थित प्लाटों का आवंटन सुनिश्चित किया जाए। पात्र आवेदकों को चिन्हित कर सामूहिक रूप से पट्टे दिए जाएं। धारणाधिकार योजना में भी समय-सीमा निर्धारित कर पट्टे दिये जायें। अविवादित नामांतरण और बँटवारा के प्रकरणों के निराकरण में छतरपुर, दतिया सहित अन्य जिलों के कलेक्टर ध्यान दें। एक्ट में प्रावधान के तहत एक महीने से ज्यादा लंबित नहीं रहें।
उन्होंने कहा कि भूमि के रिकॉर्ड से जुड़ी सभी सेवाएँ अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं। इन सेवाओं की डिलीवरी में और काम करने की आवश्यकता है। अविवादित नामांतरण, अविवादित बँटवारा प्रकरणों के निराकरण में भी गति लाने की आवश्यकता है। अभिलेख शुद्धिकरण अभियान के द्वारा लोगों को और जागरूक किया जाएँ। अभियान में जन-प्रतिनिधियों को भी जोड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़ी सभी सेवाएँ विधि और नियमों से बंधी होती हैं, इनमें किसानों के लिए किए गए परिवर्तनों और नियमों के सरलीकरण की जानकारी किसानों के संगठनों को होनी चाहिए।
श्री चौहान ने आवासीय भू-अधिकार योजना का क्रियान्यवन स्वमित्व योजना के सामान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि ऋण पुस्तिका अब किसी भी समय ऑनलाइन निकाली जा सकेगी। इसे लोक सेवा केंद्र, एमपी ऑनलाइन केंद्र से प्राप्त किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने साइबर तहसील की अवधारणा को 4-5 माह में मूर्त रूप देने के निर्देश दिए। जिससे अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सकें। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि भू-अभिलेखों में रिकॉर्ड किये जाने वाले ट्रांजेक्शंस में ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण के संबंध में जिलों की ओवर ऑल रैकिंग बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने छिंदवाड़ा, सीधी, अनूपपुर, निवाड़ी, विदिशा जिले के कलेक्टर्स को अभिलेख शुद्धिकरण के कार्य के लिए बधाई दी। साथ ही कमजोर प्रदर्शन के लिए सीहोर, जबलपुर, शाजापुर, श्योपुर और खरगौन जिलों पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सुशासन के लिए क्रांतिकारी परिवर्तन लाएँ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार के लिए नौकरी ही नहीं अन्य काम-धंधों पर ध्यान दिया जाए। स्व-रोजगार के लिए शिविर लगाकर हितग्राहियों को लाभ पहुँचायें। रोजगार-स्वरोजगार मेला लगाने का प्लान तैयार करें। कलेक्टर ध्यान देकर समय-सीमा में स्व-रोजगार के लिए पात्र हितग्राहियों को लोन दिलायें। स्व-सहायता समूहों के लिये क्रेडिट लिंकेज का कार्य प्राथमिकता से करें। निर्धारित लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता से प्राप्त करें। महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण के तेजी से प्रयास हों। एक जिला- एक उत्पाद योजना के तहत तेजी से कार्य करें। इसकी रिपोर्ट सभी जिले भेजना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर रोजगार दिवस मनाया जाए। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में रोजगार देने के कार्य में तेजी लायें। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में लोगों की मदद कर लाभान्वित करें। योजनाओं का लाभ दिलाकर मध्यप्रदेश का परिदृश्य बदला जा सकता है। रोजगार संबंधी योजनाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाकर लाभ दिलायें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना प्रधानमंत्री स्व-रोजगार सृजन कार्यक्रम, स्व-सहायता समूह, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, पीएम स्वनिधि, मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना, स्व-रोजगार ऋणों एवं निजी क्षेत्रों में रोजगार के माध्यम से प्रति माह 2 लाख तक रोजगार, स्व-रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकते हैं।
श्री चौहान ने सभी संबंधित विभागों को समन्वयपूर्वक जिलों में प्रत्येक माह रोजगार दिवस आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिलों में डीएलसीसी की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने एवं इनमें सभी योजनाओं की प्रभावी समीक्षा करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बघेल
वार्ता
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