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मध्यप्रदेश में अब केवल एक बार भरना होगा परीक्षा शुल्क, मुख्यमंत्री युवा कौशल कमाई योजना शुरु

भोपाल, 23 मार्च (वार्ता) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज 'यूथ महापंचायत' के अवसर पर 'मध्यप्रदेश युवा नीति' लॉन्च करते हुए मुख्यमंत्री युवा कौशल कमाई योजना शुरु किए जाने और सरकारी नौकरियों के लिए केवल एक बार ही शुल्क लिए जाने की घोषणा की।
इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग और स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार समेत अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। श्री चौहान ने उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग एवं खेल विभाग की योजनाओं के अंतर्गत विभिन्न हितग्राहियों के खातों में वर्चुअल माध्यम से हितलाभ वितरित किया और युवा पोर्टल का भी लोकार्पण किया।
युवा पोर्टल व्यापक ऑनलाइन मंच है, जिसका उद्देश्य राज्य में युवाओं को सूचना, संसाधनों और अवसरों के साथ सशक्त बनाना है।
इस अवसर पर श्री चौहान ने युवाओं के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि 'मां तुझे प्रणाम योजना' की तर्ज पर प्रदेश के चयनित युवाओं को अपने प्रदेश और संस्कृति को जानने 'युवा अनुभव यात्राओं' का आयोजन किया जाएगा। ट्राइबल म्यूजियम के माध्यम से प्रदेश के एक हजार जनजातीय युवा कलाकारों को 3 महीने की अवधि के लिए 10 हजार रू मानदेय पर फैलोशिप प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शासकीय नौकरियों के लिए अब केवल एक बार ही परीक्षा शुल्क भरना होगा। विभिन्न परीक्षाओं और इंटरव्यू में भाग लेने बार-बार शुल्क भरने की जरूरत नहीं होगी। युवाओं को अलग-अलग भाषाएं सिखाने के लिए बेसिक एडवांस कोर्स प्रारंभ किया जाएगा, ताकि युवाओं को रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 100 करोड़ रुपए की लागत से स्टूडेंट इनोवेशन फंड बनाया जाएगा। प्रदेश में राज्य स्तरीय युवा आयोग का पुनर्गठन पांच अप्रैल तक कर दिया जाएगा, ताकि युवाओं के सुझाव आते रहें। अगले साल से बजट में 'युवा बजट' शामिल किया जाएगा। अगले वर्ष से हर साल प्रदेश में खेलो एमपी यूथ गेम्स का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा कौशल कमाई योजना के तहत ऐसे युवा जिनकी 12वीं के बाद पढ़ाई छूट गई है या ग्रेजुएशन के बाद जब तक परमामेंट जॉब नहीं मिलती, तब तक उन युवाओं को विभिन्न सेक्टर में ट्रेनिंग दिलाई जाएगी और इस दौरान उन्हें 8 हजार रू प्रतिमाह दिया जाएगा। योजना के अंतर्गत युवाओं को इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रोनिक्स, प्रबंधन, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म, आईटी, बैंकिंग और कानून समेत विभिन्न क्षेत्रों में ट्रेनिंग दी जाएगी। इस दौरान उन्हें आठ हजार रू सरकार की तरफ से दिए जाएंगे। कंपनी अलग पैसा देगी।
उन्होंने ये भी कहा कि जो बच्चे काम सीखना चाहते हैं, उनके लिए पोर्टल पर एक जून से रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा और 1 जुलाई से पैसे मिलना प्रारंभ हो जाएंगे। यह दुनिया की सबसे बड़ी अप्रेंटिसशिप योजना है।
गरिमा
वार्ता
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