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शिवराज को आदर्श मानता हूं: यादव

भोपाल, 20 फरवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पर्यावरण सम्मेलन के आयोजन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई एवं शुभकमनाएं दी और कहा कि वे लंबे समय से श्री चौहान को अपना आदर्श मानते हैं। सरकार इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग करेगी।
श्री चौहान के प्रतिदिन पौधारोपण के संकल्प को तीन वर्ष पूर्ण होने पर आज यहां के रविन्द्र भवन में पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया गया। पर्यावरण सम्मेलन से पूर्व स्मार्ट सिटी पार्क में 108 पौधे रौपे गए। सम्मेलन में देश भर की अध्यात्मिक व सामाजिक हस्तियों ने शिरकत की। जिनमें मुख्य रूप से हार्टफुलनेस संस्थान के प्रमुख कमलेश डी पटेल दाजी, विख्यात पर्यावरणविद् अनिल प्रकाश जोशी, गीतकार समीर अंजान उपस्थित रहे।
वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल उपस्थित रहे। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में उपस्थितजनों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी दिलाया और कहा कि हरे भरे जंगल को देखते हैं तो मन आनंद और प्रसन्नता से भर जाता है, क्योंकि पेड़ नहीं, जिंदगी रौपी है, जीवन रौपा है। पेड़ ही तो जीवन हैं जो हमें ऑक्सीजन देते हैं। जिससे हमें जिंदगी मिलती है।
मुख्यमंत्री डाॅ यादव ने कहा कि पौधरोपण के संबंध में स्थान तय करने और ट्री बैंक बनाने के सुझाव पर शीघ्र ही अधिकारियों से चर्चा करेंगे और इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।
पौधारोपण के पश्चात प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा प्रतिदिन पौधारोपण के सफलतम 3 वर्ष पूर्ण होने पर कहा कि श्री चौहान की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और मानव जाति के सुखद भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम है। अपनी अत्यधिक व्यस्तताओं के बाद भी श्री चौहान का पौधारोपण का अटूट संकल्प समाज के लिए प्रेरणादायी है।
पर्यावरण सम्मेलन में सम्मिलित हुए पदमश्री व पद्म विभूषण से सम्मानित विख्यात पर्यावरणविद् अनिल जोशी ने कहा कि उन्होंने श्री चौहान के अंदर पर्यवारण के प्रति गंभीरता देखी तो उनका भ्रम टूट गया कि एक राजनीतिज्ञ भी पर्यावरण के प्रति इतना गंभीर हो सकता है। उस वर्ग के बीच में उन्होंने लौ जगाकर एक उदाहरण दिया है। उन्होंने कहा कि वे पूर्व मुख्यमंत्री जैसे शब्द का प्रयोग नहीं करते, पूर्व तो पूर्व होता है आप तो पदों से ऊपर हैं, आपको तो मोक्ष प्राप्त हो चुका है, आपने प्रकृति के ऋण को उतार दिया है।
हार्टफुलनेस संस्थान के प्रमुख कमलेश डी.पटेल “दाजी” ने पूर्व मुख्यमंत्री के इस अभियान और जीवन के मिशन को लेकर कहा कि श्री चौहान को शुरू से ही पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण में रूचि रही है। उन्होंने कहा कि श्री चौहान ने मुख्यमंत्री रहते एक पहाड़ी पर पौधारोपण के लिए जमीन दी थी, हमने तीन महीने में उसकी सूरत बदल दी और पौधारोपण की वजह से आसपास के गांवों को भरपूर पानी भी मिला।
गीतकार समीर अंजान ने कहा कि, जब मुझे यह खबर मिली कि, हमारे शिवराज जी पौधारोपण का कार्यक्रम करते हैं और हर दिन एक पौधा लगाते हैं तो मुझे बहुत खुशी मिली। श्री चौहान कुछ ऐसे लोगों में से हैं जो इस विषय पर अपना ध्यान आकर्षित करते हैं। यह हमारा सौभाग्य है कि, पूर्व मुख्यमंत्री ने यह शुरूआत की है।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पर्यावरण सम्मेलन में कहा कि, चार प्रयास करना बेहद जरूरी है पहला.. हर किसी को साल में एक बार जन्मदिवस, वैवाहिक वर्षगांठ, अपनों की स्मृति या किसी भी विशेष दिन पौधा अवश्य लगाना चाहिए। दूसरा.. अपने घरों को सोलर पैनल से रोशन करने का प्रयास करें, शहर को ग्रीन एनर्जी में बदलने का प्रयास करें क्योंकि थर्मल पॉवर से वर्यावरण को खासा नुकसान पहुंचता हैं।
श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सोलर ग्रीन एनर्जी का संकल्प लिया है। तीसरा.. सिंगल यूज़ प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने के लिए खुद भी जागरूक हों और लोगों को भी जागरूक करें। चौथा.. बेटा-बेटी में कोई अंतर नहीं है इसलिए बेटियों को भी बेटों के बराबरी पर सम्मान मिले। बेटा-बेटी में कोई भेद न करें। उन्होंने कहा कि, बेटी है तो कल है।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में सभी को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाते हुए कहा कि वे संकल्प लेते हैं कि, अपने जन्मदिवस पर व अन्य विशेष दिवस पर पौधा लगाऊंगा व यथासंभव उसकी देखभाल करूंगा, पर्यावरण के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयत्न करूंगा, ताकी आने वाली पीढ़ियों को ये धरती सुरक्षित मिले।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने इस अभियान को शुरू करने के पीछे की कहानी सुनाते हुए कहा कि, जब वे मुख्यमंत्री थे और भाषण देता था कि, पेड़ लगाओ, पर्यावरण बचाओ, तब मुझे लगा कि, केवल भाषण देने से काम नहीं चलेगा। उनके मन में यह विचार आया कि पर्यावरण बचाने के कई तरीके हैं, एक बहुत आसान तरीका है पेड़ लगाओ और जब तक अत्यंत आवश्यक न हो पेड़ न कटें। मन में आया कि, जब तक खुद पेड़ नहीं लगाएंगे तो दूसरों को कहने का अधिकारी नहीं रहेंगे और इसलिए 19 फरवरी नर्मदा जयंती के दिन उन्होंने यह संकल्प लिया कि वे रोज एक पेड़ लगाएंगे तब से लेकर आज तक कैसी भी परिस्थिति रही हो, कोविड के दौरान भी जब वे बीमार हुए तो तब भी पौधरोपण किया था।
पर्यावरण सम्मेलन में पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ-साथ प्रजापिता ब्रम्हकुमारी आश्रम, गायत्री प्रज्ञापीठ, कॉलेज के छात्र, रहवासी समिति के सदस्य, व्यापारी संघ, लॉयंस क्लब, कर्मचारी संघ, चैम्बर ऑफ कॉमर्स, सभी समाज के पदाधिकारी, रामकृष्ण मिशन, मराठी, किरार, कुणबी समाज, संस्कार भारतीय विद्यापीठ, कटारा पौधारोपण, भाजपा के सदस्य, युवा मोर्चा के सदस्य, नर्मदा सेवा समिति और पौधरोपण कार्य में जुटे हुए सभी एनजीओ के सदस्य मुख्य रूप से सम्मिलित हुए।
बघेल
वार्ता
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