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कांग्रेस और उसके नेता दिग्विजय ने सनातन संस्कृति का उड़ाया मजाक: यादव

राजगढ़, 02 मई (वार्ता) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके नेता श्री सिंह ने सनातन संस्कृति का मजाक उड़ाया है।
डॉ यादव ने राजगढ़ लोकसभा की चांचौड़ा में आयोजित जनसभा में कहा कि इस बार का चुनाव भाजपा-कांग्रेस और घमंडिया गठबंधन का चुनाव नहीं है, बल्कि इस बार का चुनाव तो सनातन संस्कृति और सनातन संस्कृति को गाली देने वालों के बीच का चुनाव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारी सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं। वे देश का मान-सम्मान दुनियाभर में बढ़ा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस और इसके घमंडिया गठबंधन ने हमेशा से देश की सनातन संस्कृति को बदनाम करने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सनातन संस्कृति को पूजन वाले, मानने वाले लोग हैं, लेकिन कांग्रेस और इनके नेता श्री सिंह सनातन संस्कृति का मजाक उड़ाने वाले हैं। वे आतंकवादियों को जी कहकर संबोधित करते हैं। उन्होंने उनके चुनाव प्रचार के लिए 200 मौलवी बुलवाएं हैं। कांग्रेस के न तो वचन का ठिकाना है, न उनकी पार्टी का ठिकाना है और न ही उनका भगवान श्रीराम के साथ कोई ठिकाना है। हम तो भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, बाबा महाकाल को पूजन वाले लोग हैं।
डॉ यादव ने कहा कि उन्होंने सुना है कि कांग्रेस पार्टी ने चुनाव में प्रचार प्रसार के लिए 200 मौलवी बुलवाए हैं जब मौलवी यहां आकर वोट मांगेंगे तो पंडित लोग क्या करेंगे। अपने देश में चुनाव हो रहा है या पाकिस्तान में हो रहा है। यह लोग कहते हैं हम रघुवंश से जुड़े हैं। रघुकुल रीति सदा चली आई प्राण जाए पर वचन न जाए प्रवचन ना जाई, न वचन का ठिकाना ना पार्टी का ठिकाना ना भगवान राम से कोई संबंध रखा है।
उन्होंने कहा कि भगवान राम के मंदिर के शुभारंभ के समय किसी ने देखा उन भाई साहब को जो आज कांग्रेस के प्रत्याशी बने घूम रहे हैं। जो राम का नहीं वह किसी काम का नहीं। दुनिया में राम जी की जय जयकार हो रही है सभी राम में डूबे है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि आज से 20 साल पहले जब उनकी सरकार थी। तो जनरेटर, इनवर्टर, रेडिएटर सारे मेंढकों के टर लेकर घर में बैठना पड़ता था। बिजली नहीं थी, डीजल के लिए लाइन लगानी पड़ती थी। जनरेटर खरीदने जाओ तो जनरेटर नहीं मिलते थे। किसान लूटता था, इनके काल में सड़के भी नहीं थी। इतना खराब समय था कि लोग रिश्ते नहीं करते थे। ऐसी बुरी स्थिति थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम जी के समय में लक्ष्मण जी ने जंगल में माता सीता के लिए एक लक्ष्मण रेखा खींची थी। लक्ष्मण जी ने माता सीता से कहा था कि समय बहुत खराब है। इस जंगल में बहुरूपिया बहुत घूमते हैं। ये समय पाते ही कब आपको हर लेंगे पता नहीं चलेगा। माता सीता भोली थी। इसी समय एक नकली सन्यासी बनकर आया और कहा मां भिक्षम देही उनको भिक्षा से लेना-देना नहीं था। उनको सीता माता हरनी थी। ऐसे ही एक और यहां घूम रहा है। आप भी ध्यान रखना, लक्ष्मण रेखा पर मत पार करना। ये कहने के लिए भगत बाबा दिखेंगे। इनको बाकी बातों से कोई लेना-देना नहीं है।
बघेल
वार्ता
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