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इसरो के ‘युविका’ कार्यक्रम के लिए 108 छात्र-छात्राओं का चयन

बेंगलुरु, 12 मई (वार्ता) युवा छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान की ओर प्रेरित करने तथा इस दिशा में उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का मौका देने के उद्देश्य से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा शुरू किये गये ‘युविका’ कार्यक्रम के लिए 108 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है।
इसरो ने बताया कि देश के सभी 29 राज्य तथा सात केंद्रशासित प्रदेशों से तीन-तीन छात्रों को चुना गया है। कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार को होगी। इसके उन्हें इसरो के चार केंद्रों पर 13 से 26 मई तक दो सप्ताह का कोर्स कराया जायेगा।
अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि कोर्स का पाठ्यक्रम छात्रों की जिज्ञासा के स्तर को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें यह भी ध्यान रखा गया है कि छात्र कक्षा की पुस्तकों में जो पढ़ते हैं उसे वे विज्ञान से जोड़ सकें। इसमें पर्यावरण विज्ञान, नवीकरणीय ऊर्जा, खगोल विज्ञान, रॉकेट अभियांत्रिकी, अंतरिक्ष एप्लिकेशन तथा ‘सॉफ्ट स्किल’ जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
छात्रों को इसरो के चार केंद्रों में ठहराया जायेगा। हर छात्र को एक टैबलेट दिया जायेगा जिसमें पाठ्यक्रम पहले से ही लोड होगा। वे इसरो की प्रयोगशालाओं का भी दौरा करेंगे और यह देख सकेंगे कि वहाँ इसरो की टीम किस प्रकार काम करती है।
सभी छात्र 17 मई को ‘युविका-संवाद’ के तहत श्रीहरिकोआ स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र का दौरा करेंगे जहाँ इसरो अध्यक्ष डॉ. के. शिवन छात्रों को संबोधित करेंगे।
श्री शिवन ने कहा, “युवाओं और बच्चों को बड़ी चुनौतियाँ देकर उन्हें प्रोत्साहित करना हमारा राष्ट्रीय कर्त्तव्य है। राष्ट्रीय विकास के क्रम को निर्बाध बनाये रखने के लिए अगली पीढ़ी को तैयार करना जरूरी है। अंतरिक्ष विज्ञान में देश में सकारात्मक परिवर्तन लाने की बड़ी संभावना है।”
अजीत.श्रवण
वार्ता
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