Sunday, May 31 2020 | Time 08:34 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • आज का इतिहास (प्रकाशनार्थ 01 जून)
  • ट्रम्प ने फ्लॉयड की मृत्यु के बाद हिंसा नहीं करने की चेतावनी दी
  • चिली में कोरोना के कुल 94,858 मामले, 997 मरीजों की मौत
  • इस्लामिक स्टेट खुरासान ने खुर्शीद टीवी के वाहन पर हमले की जिम्मेदारी ली
  • कतर में कोरोना के 2355 नये मामले
  • स्पेन में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 271 नये मामले
  • सऊदी अरब में कोरोना के 1618 नये मामले
  • यूएई में कोरोना के 726 नये मामले, कुल 33896 संक्रमित
  • निजी कंपनी स्पेसएक्स की पहली अंतरिक्ष यात्रा सफलतापूर्वक लॉन्च
  • अंतरिक्ष में जाने के लिये मौसम अनुकूल :नासा प्रमुख
  • इटली में पिछले 24 घंटों में कोरोना से 111 मौतें, कुल 33,340 संक्रमित
  • झारखंड के सभी जिले कोरोना की चपेट में, एक दिन में सर्वाधिक 72 संक्रमित मिले
  • तेलंगाना में कोरोना के 74 नये मामले सामने आये
  • लेह-लद्दाख से हवाई जहाज से दुमका पहुंचे 40 प्रवासी मजदूर
राज्य » अन्य राज्य


भाजपा के दहशत से डरने की जरूरत नहीं : करात

अगरतला 18 अक्टूबर (वार्ता) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पूर्व महासचिव प्रकाश करात और पार्टी पोलित ब्यूरो के सदस्य माणिक सरकार ने पार्टी कार्यकर्ताओं से त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दहशत के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है।
दोनों नेताओं ने गुरुवार को यहां संवाददातओं को संबोधित करते हुए यह अपील की। पूर्व लोक निर्माण विभाग मंत्री एवं माकपा नेता बादल चौधरी के खिलाफ दो वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्ष 2008-09 के दौरान 13 निर्माण ठेकों में 164 करोड़ की रिश्वत लेने के मामले में वारंट जारी होने का हवाला देते हुए दोनों नेताओं ने अारोप लगाया कि विप्लव कुमार देव सरकार बदले की भावना की राजनीति कर रही है।
श्री करात ने कहा, “एक लोकतांत्रिक तरीके चुनी गयी सरकार द्वारा त्रिपुरा में इस तरह की त्वरित कार्रवाई को देख कर हमलोग हैरान हैं। मौजूदा समय में पूरे देश में भाजपा का एक ही चेहरा है। भाजपा की मूल पार्टी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कभी भी देश की आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया और ना ही अंग्रेजों ने संघ को प्रतिबंधित ही किया था, लेकिन कम्युनिस्ट पार्टी पर अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण प्रतिबंध लगाया गया था।”
उन्होंने आरोप लगाया कि त्रिपुरा में गत वर्ष सरकार के गठन के बाद से भाजपा ने पंचायती राज्य सहित लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित सभी संस्थाओं पर बल पूर्वक कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा, “इस तरह की कार्रवाइयां राज्य में वामपंथी आंदोलन को नहीं रोक पायेंगी। वामपंथियों को सड़कों पर उतराना होगा और शोषित एवं वंचितों के लिए आवाज उठाना होगा। भाजपा के आतंक से डरने की जरूरत नहीं है।”
संतोष.संजय
वार्ता
image