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श्रीराम शर्मा जन्म शताब्दी समारोह मामले में सरकार को दस्तावेज पेश करने के निर्देश

नैनीताल 14 सितंबर (वार्ता) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अखिल भारतीय विश्व गायत्री परिवार की ओर से वर्ष 2011 में आयोजित आचार्य श्रीराम शर्मा जन्म शताब्दी समारोह में 20 लोगों के मारे जाने के मामले में दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए सरकार को अगले सोमवार तक पूरे दस्तावेज अदालत में पेश करने के निर्देश जारी किये हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ और न्यायमूर्ति आर सी खुल्बे की युगलपीठ में सोमवार को वकील और याचिकाकर्ता विवेक शुक्ला की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि गायत्री परिवार की ओर से आठ नवम्बर 2011 में आयोजित आचार्य श्रीराम शर्मा जन्म शताब्दी समारोह में हजारों लोग शामिल हुए थे। देश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों से इस समारोह में उनके समर्थक पहुंचे। समारोह में यकायक भगदड़ मच गयी और 20 लोग इसके शिकार हो गये जबकि 67 लोग घायल हो गये।
आयोजकों के खिलाफ इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गयी और न ही घायलों व मृतकों के परिवार को मुआवजा दिया गया। यही नहीं वर्ष 2017 में सरकार की ओर से लोकहित के दृष्टिगत इस मामले को अदालत से वापस लेने की प्रक्रिया अपनायी गयी।
इसी आधार पर याचिकाकर्ता की ओर से पूरे प्रकरण को जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी गयी। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि सरकार की ओर से इस प्रकरण में पूरे तथ्य पेश नहीं किये गये हैं। याचिकाकर्ता व अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने बताया कि अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार को सोमवार को सभी दस्तावेज अदालत में पेश करने के निर्देश दिये हैं।
रवीन्द्र.संजय
वार्ता
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