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कुलपति पद पर भंडारी की नियुक्ति मामले में मांगा जवाब

नैनीताल 04 नवंबर (वार्ता) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर एनएस भंडारी की नियुक्ति के मामले में राज्य लोक सेवा आयोग को दो सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिये हैं। साथ श्री भंडारी को भी नोटिस जारी किया है।
इस प्रकरण की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमथ की अगुवाई वाली खंडपीठ में हुई। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने राज्य लोक सेवा आयोग और श्री भंडारी को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है।
मामले को देहरादून निवासी रवीन्द्र जुगरान की ओर से चुनौती दी गयी है। याचिकाकर्ता की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि श्री भंडारी की नियुक्ति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमावली के खिलाफ है।
विवि की नियमावली के अनुसार कुलपति पद के लिये कम से कम दस साल का प्रोफेसर पद का अनुभव होना चाहिए। जो कि उनके पास नहीं है। उनके पास मात्र आठ साल का ही अनुभव है। कुछ समय वह उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के सदस्य के पद पर रहे। याचिकाकर्ता की ओर से मांग की गयी कि श्री भंडारी उस पद के अयोग्य हैं और उन्हें पद से हटाया जाये।
पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर से इस मामले में आज समय की मांग की गयी और अदालत ने उनकी मांग को स्वीकार कर लिया और दो सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा गया है।
रवीन्द्र.संजय
वार्ता
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