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चौबे व धामी ने किया ‘होम्योकॉन- 2023’ का शुभारंभ

देहरादून 14 मई (वार्ता) केन्द्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय, देहरादून में रविवार को राष्ट्रीय होम्योपैथिक सम्मेलन ‘होम्योकॉन- 2023’ का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री और मुख्यमंत्री ने होम्योपैथिक पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लॉच करने के साथ ही होम्योपैथी के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले चिकित्सकों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के अथक प्रयासों के कारण ही आज योग, आयुर्वेद और होम्योपैथी पद्धति समेत तमाम प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियां अपना विलुप्त होता वैभव पुनः प्राप्त कर रही हैं। चाहे वो आयुष मंत्रालय का गठन हो या फिर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन हो।
प्रधानमंत्री जी की दूरदृष्टि के कारण ही आज पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को लोग अपना रहे हैं। भारत में पारम्परिक चिकित्सा प्रणाली को बढावा देने के लिए प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2014 में पृथक से आयुष मंत्रालय का गठन किया था। राज्य सरकार प्रदेश में आयुष चिकित्सा को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि हम सभी ने कोरोना काल में होम्योपैथी की दवाइयों सहित पारंपरिक चिकित्सा के महत्व को बहुत करीब से देखा है, जिसके बाद होम्योपैथी की विश्वभर में स्वीकार्यता बड़ी है। इन सुखद परिणामों के चलते ही नई स्वास्थ्य नीति में होम्योपैथी को एक प्रमुख चिकित्सा पद्धति के रूप में स्थान मिला है। राज्य सरकार देवभूमि को एक महत्वपूर्ण आयुष प्रदेश के रूप में स्थापित करने हेतु कृत संकल्पित है।
केन्द्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य ने होम्योपैथी और आयुष को तेजी से आगे बढ़ाने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि होम्योपैथी जटिलतम रोगों के निदान का एक कारगर उपाय है। देवभूमि उत्तराखण्ड आयुष की प्रेरक रही है। होम्योपैथी हमारी परंपरागत चिकित्सा पद्धति रही है। होम्योपैथी पर अधिक से अधिक अनुसंधान होने चाहिए। उन्होंने कहा कि आयुष और योग के क्षेत्र में भी भारत की वैश्विक स्तर पर अलग पहचान है। इनको हमें अधिक से अधिक बढ़ावा देना होगा।
इस अवसर पर सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, निदेशक होम्योपैथिक डॉ. जे.एल. फिरमाल, डॉ. रामजी सिंह, डॉ. नितीष दुबे, डॉ. जसवंत पाटिल एवं होम्योपैथी से जुड़े चिकित्सक उपस्थित थे।
सं.संजय
वार्ता
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