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कोलकाता पुलिस को भाजपा विधायकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का उच्च न्यायालय का निर्देश

कोलकाता, 05 दिसंबर (वार्ता) पश्चिम बंगाल विधानसभा में राष्ट्रगान का कथित अपमान करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के कुछ विधायकों के खिलाफ पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज करने के बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय ने विधायकों को सुरक्षा प्रदान करते हुए उनकी गिरफ्तारी या उनके प्रति किसी भी कठोर कदम उठाने से पुलिस को बचने का निर्देश दिया है।
एकल पीठ के न्यायाधीश जय सेनगुप्ता ने सोमवार को शहर की पुलिस को अगली सुनवाई तक भाजपा विधायकों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से बचने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति सेनगुप्ता ने विधानसभा में विरोध प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रगान गाने के औचित्य पर भी सवाल उठाया। न्यायाधीश ने कहा कि क्या होगा अगर कोई अचानक अदालत में राष्ट्रगान गाना शुरू कर दे?
उन्होंने कोलकाता पुलिस को गुरुवार तक विधायकों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से बचने का निर्देश दिया।
न्यायाधीश ने अगली सुनवाई बुधवार को निर्धारित की है और पुलिस को उस दिन केस डायरी जमा करने का निर्देश दिया है क्योंकि कानून प्रवर्तन एजेंसी कल पहली सुनवाई के दौरान इसे पेश करने में विफल रही।
कोलकाता पुलिस ने पिछले शुक्रवार को राज्य विधानसभा में राष्ट्रगान का अपमान करने के आरोप में 11 विधायकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और उसके बाद आठ विधायकों को नोटिस दिया था।
विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी द्वारा तृणमूल कांग्रेस के विधायकों शोभनदेव चट्टोपाध्याय, चंद्रिमा भट्टाचार्य और तापस रॉय की दो शिकायतों को आगे बढ़ाने के बाद कोलकाता पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की जिसके बाद भाजपा के मदारीहाट विधायक और विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक मनोज तिग्गा ने न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों ने आरोप लगाया था कि भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में तृणमूल कांग्रेस के धरने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उपस्थिति में नारेबाजी शुरू कर दी, जो राष्ट्रगान गा रही थीं।
न्यायमूर्ति सेनगुप्ता ने राज्य के वकील किशोर दत्ता ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के विधायक धरने पर बैठे थे। बाद में भाजपा विधायकों ने नारेबाजी शुरू की।
न्यायमूर्ति सेनगुप्ता ने कहा , “तृणमूल विधायकों ने राष्ट्रगान गाया। ऐसा प्रतीत होता है कि उनके द्वारा राष्ट्रगान गाना शुरू करने के बाद भाजपा ने नारेबाजी शुरू नहीं की। वे पहले से नारेबाजी कर रहे थे। अगर कोई अचानक राष्ट्रगान गाना शुरू कर दे तो कोई व्यक्ति क्या करेगा?”
उन्होंने कहा कि धरना कोई समारोह नहीं है और राष्ट्रगान इस बहाने नहीं गाया जा सकता कि मुख्यमंत्री वहां मौजूद हैं।

अभय,आशा

वार्ता
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