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केंद के आदेश के बावजूद आबकारी विभाग ने प्लास्टिक के होलोग्राम हेतु टेंडर निकाला'

देहरादून 15 फरवरी (वार्ता) उत्तराखंड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष करन माहरा ने गुरुवार को आरोप लगाया कि राज्य के आबकारी विभाग ने केंद्र सरकार के नियमों का उल्लंघन करते हुए शराब की बोतलों पर प्लास्टिक होलोग्राम हेतु टेंडर आमंत्रित किए हैं।
यहां कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री माहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त, 2019 को लाल किले के प्राचीर से सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात कही, क्योंकि इससे पर्यावरण को गंभीर खतरा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के भाषण की क्लिप दिखाते हुए कहा कि उत्तराखण्ड आबकारी विभाग लगातार मनमानी करते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के निर्देषों का उल्लंघन कर रहा है और इसको बढावा देने का काम कर रहा है।
श्री माहरा ने कहा कि आबकारी विभाग ने 20 नवम्बर, 2023 को राज्य में शराब की बोतलों में लगने वाले होलोग्राम का टेंडर निकाला। जिसमें प्लास्टिकयुक्त 36 माईक्रोन का होलोग्राम लगाने की मांग प्रस्तुत की गई। जबकि इस पर, वन पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा पूर्ण प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि इतनी बडी मात्रा में आबकारी विभाग, प्लास्टिक युक्त होेलोग्राम को लगाकर उत्तराखण्ड के पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। उन्होंने इस पर तत्काल रोक लगाए जाने की मांग की।
कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी नेता अभिनव थापर ने प्रधानमंत्री को इस संदर्भ में पत्र लिख कर आबकारी विभाग की मनमानी एवं नियम विरूद्व निकाले गये टेंडर की शिकायत की। उन्होंने बताया कि इसका संज्ञान लेते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय एमओईएफ द्वारा एसयूपी वन की गाइड लाईन के अनुसार, तीन हफते में जबाव प्रस्तुत करने के आदेश दिये। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद, आबकारी विभाग द्वारा केन्द्र के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए अभीतक जबाव नही भेजा गया है, जो संदेह पैदा करता है।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, बुधवार को कैबिनेट में लाई गई आबकारी नीति को शराब माफियाओं के इशारे पर लाई गई नीति बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति से सरकार राज्य के लोगों को शराब के दलदल में धकेलना चाहती है। उन्होंने कहा कि इस नीति से प्रदेश में शराब की नई दुकानें खोलने का रास्ता साफ होगा और तीन-तीन महीने के लिए भी लाईसेन्स लिये जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि जो सरकार खुलेआम माॅल आदि में सभी जगह खुलेआम शराब लाईसेन्स दे रही हो, उससे यही उम्मीद की जा सकती है। जबकि यहां की मातृ शक्ति लगातार पूर्ण शराबबन्दी की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि इस नीति से राज्य की जनता का कोई भी लाभ नही होगा।
श्री माहरा ने कैबिनेट द्वारा विधानसभा के बजट सत्र को गैरसैंण में आयोजित ना किये जाने के फैसले को भी दुर्भाग्य पूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला जनभावना का अपमान करने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्य आन्दोलन में पर्वतीय क्षेत्र के विकास का जो सपना देखा गया था, उसको चकनाचूर करने वाला है। राज्य आन्दोलन में शहीद हुए शहीदों की शहादत का भी यह अपमान है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से राज्य के आन्दोलनकारी भी आहत हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर बजट सत्र फरवरी, मार्च में भी गैरसैण में आयोजित नही किया जा रहा है, तो कब आयोजित होगा।
संवाददाता सम्मेलन में महामंत्री महेन्द्र सिंह नेगी गुरूजी, नवीन जोशी, प्रवक्ता शीश पाल सिंह बिष्ट, महानगर अध्यक्ष डाॅ. जसविन्दर सिंह गोगी, आदि उपस्थित रहे।
सुमिताभ, संतोष
वार्ता
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