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फर्जी दस्तावेजों पर अदालत से पैरोल लेने वाला पुन: पहुंचा जेल

जींद, 05 दिसम्बर(वार्ता) फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पिता को कैंसर का मरीज बता कर अदालत से पेरोल लेने वाला कुख्यात अपराधी विकास उर्फ बबलू अब पुन: जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया है।
जेल उपाधीक्षक राकेश कुमार ने गत नौ सितम्बर को जींद सदर थाना पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि चाबरी गांव निवासी विकास उर्फ बिल्लू कुख्यात अपराधी है और हत्या समेत कुछ अन्य मामलों में उम्रकैद सजा काट रहा है। विकास द्वारा अपने पिता रघबीर को कैंसर का मरीज बताते हुए उसके ईलाज हेतु लगाई गई याचिका पर पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने उसे पांच जून से 17 अगस्त तक पैरोल दे दी थी। शिकायत में राकेश ने कहा कि पेरोल वह विकास की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे और संदेह होने पर उन्होंने रघबीर के ईलाज की जांच शुरु की। इस दौरान सामने आया कि रघबीर कैंसर का मरीज नहीं है। विकास ने बुआना गांव निवासी कैंसर पीड़ित वजीर की बायोप्सी रिपोर्ट का सहारा लेकर रघबीर को कैंसर मरीज बनाया गया। रघबीर एक बार ईलाज के लिए बीकानेर कैंसर इंस्टीच्यूट भी गया था। विकास ने ये दस्तावेज भी वजीर की रिपोर्ट के साथ लगाए थे।
इस फर्जीवाड़े के सूत्रधार के रूप में विकास का चचेरा भाई जवाहर नगर हिसार निवासी नकुल का नाम सामने आया। विकास की फर्जी पैरोल का मामला जब पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के संज्ञान में लाया गया तो अदालत ने उसकी पेरोल रद्द कर दी और उसे पुन: जेल भेज दिया। पुलिस ने पिता को फर्जी कागजातों के आधार पर कैंसर का मरीज दिखाने को लेकर विकास उर्फ बिल्लू, उसके पिता रघबीर, चचेरे भाई नकुल, गांव बुआना निवासी वजीर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
सं.रमेश1921वार्ता
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