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औद्योगिक नगरी मंडी गोबिन्दगढ़ को हरा भरा बनाने और धूल रोकने के लिए कमेटियां गठित

चंडीगढ़, 11 दिसम्बर(वार्ता)पंजाब के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने औद्योगिक नगरी मंडी गोबिन्दगढ़ में हरियाली बढ़ाने तथा धूल-मिट्टी रोकने की सभी संभावनाओं का पता लगाने के लिए दो कमेटियां गठित की गई हैं ।
यह जानकारी मिशन तंदुरुस्त पंजाब के निदेशक काहन सिंह पन्नू ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि वायुु प्रदूषण के स्रोतों और इसे नियंत्रित करने के लिए आवश्यक प्रयासों की पहचान करने के लिए मंडी गोबिन्दगढ़ क्षेत्र के सभी हिस्सेदारों/विभागों के साथ बैठक की गई है।
बैठक में विचार-विमर्श के बाद यह तथ्य सामने आया कि मंडी गोबिन्दगढ़ क्षेत्र के वायु प्रदूषण का एक प्रमुख कारण धूल है। खस्ता हाल सड़कों से उठने वाली धूल और कच्चे रास्तों पर भारी वाहनों की आवाजाही से धूल उड़ती है। इसलिए फ़ैसला लिया गया कि नगर कौंसिल, मंडी गोबिन्दगढ़ और पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, मंडी गोबिन्दगढ़ क्षेत्र में धूल वाले सभी स्थानों की मैपिंग करेगा और धूल को नियंत्रित करने के लिए अपेक्षित काम संबंधित विभाग समयबद्ध ढंग से करेंगे । इस मामले में कमेटी गठित करने का फ़ैसला किया गया है जो कस्बे में धूल वाले सभी स्थानों की पहचान करेगी और उनकी नक्शे पर निशानदेही करेगी और समयबद्ध ढंग से धूल वाले स्थानों की मुरम्मत करने के लिए कार्य योजना सौंपेगी।
बैठक में इस बात पर सहमति जताई कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मंडी गोबिन्दगढ़ में हरियाली को बढ़ाया जाना चाहिये क्योंकि उद्योगों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाने के लिए उपयुक्त खाली जगह है और पौधारोपण से धूल को नियंत्रित किया जा सकता है ।
शर्मा
वार्ता
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