Sunday, Nov 29 2020 | Time 09:27 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • संस्मरण लिखने की तैयारी में है मेलानिया ट्रम्प
  • क्रोएशिया के प्रधानमंत्री ‘सेल्फ आइसोलेशन’ में
  • आज का इतिहास (प्रकाशनार्थ 30 नवंबर)
  • रूस के मास्कों में कोरोना से नौ हजार के करीब लोगों मौतें
  • फ्रांस में नए सुरक्षा कानून के खिलाफ प्रदर्शन, कई पुलिसकर्मी घायल
  • अमेरिका में पिछले 24 घंटों में कोरोना से 1404 लोगों की मौत
  • लंदन में लॉकडाउन के खिलाफ प्रदर्शन में 60 लोग गिरफ्तार
  • ईरान में कोरोना के 13,402 नए मामले
  • फ्रांस में नए सुरक्षा कानून के खिलाफ प्रदर्शन में 37 पुलिसकर्मी घायल
  • अमेरिका में कोरोना के एक दिन में दो लाख से अधिक नए मामले
राज्य » पंजाब / हरियाणा / हिमाचल


सिरसा में पराली जलाने वालेे किसानों पर 45 हजार रुपये जुर्माना

सिरसा, 20 अक्तूबर(वार्ता) हरियाणा के सिरसा जिले में धान की कटाई शुरू होने के साथ ही जहां जागरूक किसान फसल कटाई के बाद बचे अवशेषों का सही प्रबंधन कर रहे हैं, वहींं कई किसान पराली का उचित निपटान करने के बजाए इसे जला रहे हैं।
जिले में परानी जलाने की अब तक 23 मामले हो चुके हैं। पराली जलाने को लेकर सम्बंधित किसानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 45 हजार रुपये का जुर्माना किया जा चुका है।
उपायुक्त रमेश चंद्र बिढाण ने बताया कि प्रशासन प्रदेश सरकार के जीरो बर्निंग लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में गम्भीरता से कार्य कर रहा है। पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश के लिए हरसैक के माध्यम से कड़ी निगरानी की जा रही है। अब तक जिले में हरसैक की रिपोर्ट के आधार पर 23 घटनाएं पराली जलाने की मिली हैं। पराली जलाने वालों पर अब तक 45 हजार रुपये का जुर्माना किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश के लिए गांव स्तर पर कमेटी गठित की गई हैं। यह कमेटी हरसैक से मिली रिपोर्ट पर तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर रही है।
उपायुक्त ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे पराली न जलाएं। पराली जलाने से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। प्रदूषित वातावरण जहां अनेकों बीमारियों को जन्म देता है, वहीं अस्थमा से ग्रस्त लोगों और बच्चों के लिए बड़ा ही घातक सिद्ध होता है। उन्होंने कहा कि किसान पराली जलाने के बजाए उसका प्रबंधन कर ये दो कार्य अपने और सर्वहित में कर सकते हैं। एक पराली का प्रबंधन कर किसान अपनी आय में बढ़ौतरी कर सकते हैं, दूसरा पराली का उचित निपटान कर पर्यावरण सरंक्षण में सहयोगी बन सकते हैं।

उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार कृषि विभाग के माध्यम से ऐसी पंचायतें जोकि सरकार के जीरो बर्निंग लक्ष्य की दिशा में बेहतर कार्य करेंगी, उन्हें सम्मानित किया जाएगा। इसलिए सरपंच गांव में लोगों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करें। ग्रामीणों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के साथ उन्हें प्रशासन की ओर से पराली जलाने पर की जाने वाली कार्रवाई बारे भी अवगत कराएं।
सं.रमेश1723वार्ता
image