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एसजीपीसी ने बैठक में मीडिया को किया प्रतिबंधित, पत्रकार न्यायिक आयोग में देंगे चुनौती: पट्टी

अमृतसर, 03 मार्च (वार्ता) चंडीगढ़ पंजाब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जसबीर सिंह पट्टी ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) द्वारा शुक्रवार को मीडिया पर आम सभा की कवरेज पर लगाए प्रतिबंध की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पत्रकार संघ इस फैसले को सिख गुरूद्वारा न्यायिक आयोग में चुनौती देगा।
श्री पट्टी ने कहा कि एसजीपीसी की यह कार्रवाई लोकतंत्र की हत्या के समान है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को देश की संसद और विभिन्न राज्य विधानसभाओं को कवर करने की अनुमति है, तो सिखों की संसद एसजीपीसी में मीडिया कवरेज को रोकना एक जघन्य आपराधिक कृत्य है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक पत्रकारों को हर बैठक को कवर करने की अनुमति थी और दिवंगत अध्यक्ष जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहरा पत्रकारों को बैठक में ले जाते थे। श्री पट्टी ने कहा कि श्री टोहरा का मानना था कि पत्रकारों के बिना बैठक अधूरी रहेगी। बैठक को कवर करना सार्वजनिक व्यवस्था का हिस्सा है और मीडिया का मौलिक अधिकार है, बिना किसी निजी स्वार्थ के पत्रकार लोगों और संगठनों के बीच संचार के माध्यम के रूप में काम करते हैं और संगठनों की नीतियों को लोगों तक पहुँचाते हैं, इसलिए पत्रकारों को इस बैठक से दूर रखना बाबा नानक के सार्वजनिक और लोकतांत्रिक मूल्यों में संवाद पैदा करने के दर्शन के खिलाफ है।
किसान नेता और जन कल्याण न्याय कल्याण समिति के अध्यक्ष भाई बलदेव सिंह सिरसा ने भी मीडिया को बैठक से दूर रखने की निंदा की और कहा कि एसजीपीसी पर बादल दल की पकड़ अब आखिरी दौर में है। उन्होंने कहा कि इतिहास में लिखा जाएगा कि श्री हरजिंदर सिंह धामी के कार्यकाल में शिरोमणि कमेटी का विभाजन हुआ। उन्होंने कहा कि वह वकीलों से मशविरा करेंगे, इसलिए अगर कानून इस तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाने की इजाजत देता है तो वह कोर्ट का दरवाजा जरूर खटखटाएंगे, ताकि पत्रकार समाज को न्याय मिल सके।
ठाकुर, उप्रेती
वार्ता
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