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आईआईटी रोपड़ शिक्षा कार्य समूह की बैठक की करेगा मेजबानी

जालंधर 06 मार्च (वार्ता) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ (आईआईटी रोपड़) अमृतसर में 15-17 मार्च, 2023 के बीच ‘सहयोग के माध्यम से अनुसंधान और नवाचार को मजबूत करने’ की थीम पर दूसरी शिक्षा कार्य समूह की बैठक की मेजबानी करने के लिए तैयार है। यह आयोजन जी 20 सदस्य देशों के विचार-विमर्श से अनुसंधान और नवाचारों के लिए प्रासंगिक नीतियों और सर्वोत्तम प्रथाओं की पहचान पर केंद्रित होगा।
आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रोफेसर राजीव आहूजा ने सोमवार को कहा कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा आईआईटी को आवंटित जी-20 कार्यक्रम बहु-भागीदार सहयोग के लिए एक रोडमैप सुनिश्चित करने में मदद करेगा। वहीं इससे अनुसंधान सामग्री की पहुंच और प्रावधान को सुविधाजनक बनाने के लिए यत्न किए जायेंगे ताकि उद्योग-शिक्षा के बीच की दूरी को कम करने के साथ-साथ , अनुसंधान और नवाचारों के लिए प्रासंगिक नीतियों और तरीक़ों की खोज और पहचान की जा सके। इस तरह से 'वसुधैव कुटुम्बकम' - एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के विषय का पालन करते हुए जी 20 सदस्य देशों में गुणवत्ता अनुसंधान के लिए दीर्घकालिक सहयोग स्थापित किया जा सकेगा।
इसके अलावा, प्रतिनिधियों के लिए इस भव्य कार्यक्रम के एक भाग के रूप में आईटीआई द्वारा 100 स्टालों के साथ विघटनकारी प्रौद्योगिकियों और नवाचारों की एक प्रदर्शनी भी स्थापित की जा रही है। इन स्टालों में भारत और जी 20 सदस्य देशों के स्टार्टअप / प्रौद्योगिकियां शामिल होंगी ताकि मानव प्रकार की बेहतरी के लिए नवाचारों के वैश्विक परिदृश्य का अनुभव किया जा सके।
इस आयोजन के माध्यम से, सरकार जी 20 सदस्य देशों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने और एसडीजी लक्ष्यों तक पहुंचने में प्रत्येक देश के मुद्दों का सामूहिक रूप से उत्तर प्रदान करेगी। वहीं यह बैठक कई क्षेत्रों में सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए सहकारी पहलों जैसे तरीकों और रणनीति पर भी केंद्रित होगी, जिन्हें लागू किया जा सकता है। इस बैठक में भाग लेने वालों में यूनेस्को, यूनिसेफ, विश्व बैंक और ओईसीडी जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
यह आयोजन अनुसंधान और नवाचार पर जोर देगा, साथ ही जी 20 सदस्य देशों के प्रदर्शन पर सहयोग के प्रभाव पर भी जोर देगा। इस दौरान अनुसंधान और नवाचारों पर प्रमुख सेशन आयोजित किए जायेंगे जो देशों के अंदर विभिन्न प्रकार की असमानता को कम करने, उच्च उपज प्राप्त करने और खाद्य अपशिष्ट को कम करने के लिए टिकाऊ कृषि के लिए नवाचार, सस्ते एंव टिकाऊ ऊर्जा अनुसंधान और नवाचार में शिक्षाविदों की भूमिका, तथा पर्यावरण के प्रति जागरूक और जवाबदेह औद्योगीकरण के लिए नवाचारों में मदद करेंगे।
इसके अलावा इस बैठक में अनुसंधान और नवाचार के अवसरों तक पहुंच करने पर ध्यान केंद्रित करने,वहीं महिलाओं, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से वंचित समूहों पर विचार चर्चा के अलावा, नवाचार संवर्धन में सुधार करने और अनुसंधान विचार विमर्श और क्रॉस-संस्थागत सहयोग आदि की दिशा में बाधाओं को कम करने के लिए जी 20 सदस्य देशों के बीच सहयोग का विस्तार करने के तरीकों की रणनीति बनाने में भी मदद मिलेगी।
ठाकुर.संजय
वार्ता
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