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हिमाचल विसभा में अनुपूरक अनुदान 13141 करोड़ रुपये का पेश

शिमला 14 मार्च (वार्ता) हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखबिंदर सिंह सुक्खू जिनके पास वित विभाग भी है, ने वर्ष 2022-23 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों की प्रथम तथा अंतिम किश्त प्रस्तुत की है।
यह अनुपूरक मांगे 13141 करोड 07 लाख की है, जिनमें से 11707 करोड़ 68 लाख राज्य स्कीमों और 1433 करोड़ 39 लाख केंद्रीय प्रायोजित स्कीमों के लिए प्रावधित किए गए है।
राज्य स्कीमों के अंतर्गत मुख्यत 6004 करोड़ 63 लाख वेय और मन्से ओर ओवरड्राफट के लिए, 1260 करोड़ 65 लाख पैंशन व सेवानिवृति लाभ? 551 करोड़ 48 लाख बिजली सब्सिडी, 444 करोड़ 03 लाख अस्पतालों के लिए निर्माण, चिकित्सा उपकरणों की खरीद और हिमकेयर योजना, 435 करोड़ 06 लाख वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं, महाविद्यालयों के भवनों के लिए और कर्मचारियों के वेतन अदायगी, 209 करोड़ 38 लाख हिमाचल पथ परिवहन निगम को सहायता, 264 करोड़ 79 लाख मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष, सुख आश्रय भवन निर्माण और समाजिक सुरक्षा पैंशन, 279 करोड़ 06 लाख जलापूर्ति और मलनिकासी योजनाओं, 226 करोड़ 51 लाख प्राकृतिक आपदा राहत, 209 करोड़ 33 लाख मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना, प्रधान मंत्री गतिशक्ति योजना, औष्टिकल केबल फाईवर नेटवर्क और सरकारी विभागों के डिजिटल विस्तार, 208 करोड़ 42 लाख फसल बीमा योजना, मंढर मध्यस्थता योजना के लिए लंबित दायित्स और उद्यान विकास योजना, 156 करोड़ 91 लाख ग्रामीण स्थानीय निकायों को अनुदान, जिला परिषद के स्टाफ के वेतन तथा 15वें वितायोग के अन्तर्गत अनुदान, 154 करोड़ 71 लाख सड़कों और पुलों के लिए, 128 करोड़ 71 लाख रेल परियोजनाओं, 108 करोड़ 70 लाख स्कील डब्लपमेंट प्रोजेक्ट, 106 करोड़ 08 लाख सरकारी भवनों, विज्ञाम एवं परिधि गृहों, छात्रवासों के लिए एवं रख रखाव इत्यादि, 67 करोड़ 73 लाख दीन दयाल अ।त्योदय यरेजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिषन, स्मार्ट सीटी मिशन, अमृत, स्वच्छ भारत मिशन और शिमला जल प्रबंधन निगम, खाद्यान्न उपदान, धान की खरीद व हिमाचल गृहणी सुविधा योजना और 43 करोड़ 33 लाख मनरेगा के लिए प्रावधित किए गए है।
इसी प्रकार क्रेदीय प्रयोजित स्कीमों के अंतर्गत अधिकतर राशि चालू तथा नई विकास योजनाओं , जिनके लिए केंद्र सरकार से इस वर्ष के दौरान धनराशि प्राप्त हुई, के लिए प्रस्तावित है। 400 करोड एनडीआरएफ से प्राप्त आपदा प्रबंधन के लिए, 221 करोड़ 96 लाख मनरेगा, 141 करोड़ 76 लाख स्मार्ट सिटी मिशन, 140 करोड़ 91 लाख कोविड 19 आपातकालीन सवाओं एवं स्वास्थ्य व्यवस्था पेंकेज, 95 करोड़ 60 लाख केंद्रीय सड़क निधि, 95 करोड़ 43 लाख स्टार्ट प्रोजेक्ट, 47 करोड़ प्रधान मंत्री ग्रामीण सड़क योजना, 43 करोड़ 08 लाख राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान और 34 करोड़ 47 लाख स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के लिए प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण अनुपूरक अनुदान मांगों की रूप रेखा सदन के सम्मुख प्रस्तुत की है।
सं.संजय
वार्ता
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