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पंथ विरोधी ताकतों के हमलों का सिख समुदाय एकजुट होकर जवाब दे: हरजिंदर सिंह धामी

अमृतसर, 14 मार्च (वार्ता) सिख समुदाय के महान जनरल और शिरोमणि पंथ अकाली बुड्डा दल के छठे प्रमुख अकाली बाबा फूला सिंह की दूसरी शहादत शताब्दी को समर्पित मुख्य समागम मंगलवार को श्री दरबार साहिब के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में खालसा की भव्यता के साथ चिह्नित किया गया।
इस अवसर पर विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि सदाचारी जीवन बनाने के लिए शब्द गुरु (गुरु ग्रंथ साहिब), सिख इतिहास, सिख साहित्य को अपना मार्गदर्शक बनाने और सिख गुरुओं के दिखाए मार्ग पर चलने की बहुत आवश्यकता है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और बुड्डा दल द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस शताब्दी समागम में बड़ी संख्या में सिख समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।
देश-विदेश की संगत को संबोधित करते हुए जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि अकाली बाबा फूला सिंह खालसा हुकूमत के स्तम्भ थे और उनकी शहादत के मौके पर महाराजा रणजीत सिंह ने दु:ख में कहा था कि सिख हुकूमत का महानायक बीत चुका है। उन्होंने कहा कि अकाली फूला सिंह का पूरा जीवन खालसा शासन और सिख समुदाय के कल्याण के लिए था और उनके इतिहास को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अकाली शब्द बाबा फूला सिंह के व्यक्तित्व और जनरल के रूप में उनकी उपस्थिति को पूरी तरह से परिभाषित करता है। उन्होंने कहा कि अकाली होना कोई सामान्य बात नहीं है, यह दिव्य गुणों और एक रचनात्मक शक्ति का प्रतीक है। आज अकाली बाबा फूला सिंह के चरित्र को समझने और उन्हें सिख चेतना का हिस्सा बनाने की बहुत आवश्यकता है। सिख युवाओं को और अधिक मार्गदर्शन की आवश्यकता है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सिख जीवन शैली, गुरु के आदेश और सिख परंपराओं की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि किसी के विचारों को बिना सोचे-समझे प्रचारित करने के बजाय आराम देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सिख संस्थाओं की सुरक्षा के लिए सभी का प्रयास अतिआवश्यक है। उन्होंने कहा कि चाहे एसजीपीसी हो या सिख समुदाय के प्रमुख संप्रदाय, खालसा पंथ की ताकत उनकी ताकत के साथ है। उन्होंने इस संदर्भ में कहा कि अकाली बाबा फूला सिंह के योगदान की जरूरत है।
शताब्दी समागम को संबोधित करते हुए एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सिख समुदाय का इतिहास अकाली बाबा फूला सिंह जैसे योद्धाओं से भरा पड़ा है, लेकिन दुख की बात है कि आज कुछ ताकतें और सरकारें सिख इतिहास और संस्थानों को भारी नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सिख सत्ता को कमजोर करने के उद्देश्य से सरकार के बल पर सिख संस्थाओं पर अतिक्रमण किया जा रहा है। उन्होंने सिख समुदाय से इस तरह के पंथ विरोधी षड्यंत्रों और इस तरह के कपटपूर्ण हमलों का पंथिक (समुदाय की) एकता के साथ जवाब देने की अपील की।
बुड्डा दल के प्रधान जत्थेदार बाबा बलबीर सिंह 96 करोड़ी ने कहा कि दल को इस बात का गर्व है कि जत्थेदार अकाली बाबा फूला सिंह जी छठे जत्थेदार थे। उनके द्वारा की गई पंथिक सेवाएं सिख इतिहास की उपलब्धि हैं। जत्थेदार बाबा बलबीर सिंह ने कहा कि शिरोमणि पंथ अकाली बुड्डा दल हमेशा सिख समुदाय का नेतृत्व करता रहा है और इसका उदाहरण है कि दल के 10 प्रमुखों ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के रूप में समुदाय का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि ये शताब्दी कार्यक्रम यहीं समाप्त नहीं होने जा रहे हैं, बल्कि 2024 तक विश्व स्तर पर मनाए जाते रहेंगे। उन्होंने सभी निहंग दल, संप्रदाय, कार सेवा के गणमान्य व्यक्तियों, सिख संगठनों और संगत को धन्यवाद दिया जिन्होंने आयोजनों के दौरान सहयोग किया।
तरना दल के प्रधान हरियां वेलां बाबा निहाल सिंह ने कहा कि एक सिख के चरित्र का आधार बनी और बाना (गुरबानी और पारंपरिक सिख पोशाक) का संगम है, लेकिन दुख की बात यह है कि आज हम सुबह के नितनेम (दैनिक) से दूर होते जा रहे हैं। सिख कौम की तरक्की के लिए गुरबानी और सिक्ख जीवन शैली में दृढ़ संकल्प बहुत जरूरी है और कौम को इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
ठाकुर.श्रवण
वार्ता
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