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जी-20 देशों के प्रतिनिधियों ने श्री दरबार साहिब में मत्था टेका

अमृतसर, 17 मार्च (वार्ता) जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए श्री अमृतसर पहुंचे विभिन्न 20 देशों के प्रतिनिधियों ने आज मानवता के आध्यात्मिक केंद्र सचखंड श्री हरमंदिर साहिब का दौरा किया। इस बीच, प्रतिनिधियों ने लंगर श्री गुरु रामदास जी में लंगर व्यवस्था और चल रही सेवाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
यहां पहुंचने पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया। इस बीच प्रतिनिधियों को प्लाजा के भूमिगत हिस्से में बने व्याख्या केंद्र में सचखंड श्री हरमंदिर साहिब और सिख इतिहास की जानकारी मिली। शिरोमणि समिति ने प्लाजा के एक विशेष हॉल में जी-20 प्रतिनिधियों को सम्मानित करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जहां उन्हें शिरोमणि समिति के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और शिरोमणि समिति के सदस्यों ने सम्मानित किया।
प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने जी-20 के प्रतिनिधियों को श्री दरबार साहिब के महत्व, नैतिकता और सिद्धांतों के बारे में बताया और कहा कि यह तीर्थस्थल पूरी मानवता को एकता का संदेश देता है, जहां देश भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। उन्होंने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को बताया कि श्री अमृतसर चौथे पातशाह श्री गुरु रामदास जी द्वारा बसाया गया एक ऐतिहासिक शहर है, जहां गुरु साहिब ने विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को बसाया। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता इसकी विशेषता है, जिसे प्रतिनिधि अपनी यात्रा के दौरान अनुभव कर रहे हैं।
शिरोमणि समिति की ओर से अधिवक्ता धामी ने प्रतिनिधियों से कहा कि जी-20 देशों को समग्र दृष्टिकोण के साथ अपनी नीतियां बनानी और अपनानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर और कड़े निर्णय और नीतियां बनाने पर जोर दिया ताकि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और हरी-भरी धरती दे सकें। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने भी अपनी गुरबानी में पर्यावरण संरक्षण की शिक्षा दी है।
एडवोकेट धामी ने कहा कि इस तरह की नीतियों से यह सुनिश्चित होना चाहिए कि युवा पीढ़ी का बड़े पैमाने पर दूसरे देशों में प्रवास न हो और युवाओं को उनके कौशल के अनुसार अपने ही देश में अच्छे अवसर और नौकरियां दी जाएं। उन्होंने प्रतिनिधियों से मानवाधिकार के मुद्दों पर गौर करने और इस मुद्दे को आगामी जी 20 शिखर सम्मेलन में शामिल करने के लिए भी कहा।
गौरतलब है कि 20 में देशों अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, कोरिया, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, बांग्लादेश, अमेरिका, यूरोपीय संघ, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, सिंगापुर, मॉरीशस, मिस्र, ओईसीडी, यूनेस्को, यूनिसेफ शामिल थे।
ठाकुर.श्रवण
वार्ता
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