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डीज़ल वाहनों की मियाद 10 वर्ष, टैक्स ले रहे 15 वर्ष का: सैलजा

चंडीगढ़, 27 नवम्बर (वार्ता) कांग्रेस महासचिच एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने डीज़ल वाहनों पर लिये जाने वाले टैक्स का ज्वलंत मुद्दा उठाया है तथा स्क्रैप नीति में निजी उपयोग वाले वाहनों के लिये मियाद 15 वर्ष तय करने की हरियाणा सरकार से मांग की है।
सुश्री सैलजा ने सोमवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि सरकार ने डीज़ल वाहनों की मियाद 10 वर्ष तय की है लेकिन वह इनके पंजीकरण पर टैक्स 15 साल के लिये वसूल रही है। उन्हाेंने कहा कि जब डीज़ल वाहनों पर टैक्स 15 वर्ष के लिये लिया जा रहा है तो उन्हें 10 वर्ष पूरे होने पर स्क्रैप पाॅलिसी के अंतर्गत लाना सरासर गलत और लोगों की जेब पर डाका डालने का कुत्सित प्रयास है।
उन्होंने इस सम्बंध में हरियाणा में भी डीज़ल वालों पर 15 वर्ष के लिये टैक्स लिये जाने का मुद्दा उठाया है जबकि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिलों में डीज़ल वाहनों की मियाद दस वर्ष कर दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसे जिलों में डीज़ल वाहनों पर 15 वर्ष के लिये टैक्स वसूल कर चुकी है।
सुश्री सैलजा ने हरियाणा सरकार से भी डीजल वाहनों के पंजीकरण तथा इनकी मियाद 15 वर्ष तक करने के लिये मोटर वाहन पंजीकरण अधिनियम में संशोधन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को स्क्रैप नीति में निजी उपयोग वाले डीजल वाहनों लिये मियाद 15 वर्ष तय करनी चाहिये। इससे पहले इन वाहनों को स्क्रैप करने का सरकार का फैसला पूरी तरह से जनविरोधी और लोगों को परेशान करने वाला है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि निजी डीजल वाहन का 10 साल में कुछ नहीं बिगड़ता और इसे इतने कम समय में खत्म करना लोगों पर बड़ी आर्थिक चोट साबित होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के जिलों में निजी डीजल वाहन के इस्तेमाल के लिये 10 साल का समय तय है, लेकिन इसके बाद अन्य जिलों या देश के अन्य हिस्सों के लोग इन वाहनों को खरीद लेते हैं। ऐसे में वाहन मालिक को भी इनकी उचित कीमत मिल जाती है। उन्होंने कहा कि यदि 10 वर्ष की समय सीमा में यह वाहन किसी अन्य जिले में चला ही
गया है तो इसे स्क्रैप करने की समय सीमा 15 साल रखी जानी चाहिये।
रमेश.श्रवण
वार्ता
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