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मीडिया पॉलिसी में संशोधन को लेकर ज्ञापन सौंपा

सिरसा, 02दिसंबर (वार्ता) हरियाणा सरकार की ओर से पेंशनधारक पत्रकारों पर कोई मुकदमा दर्ज होने की स्थिति में पेंशन से वंचित करने,परिवार में एक मात्र सदस्य को मीडिया पॉलिसी के तहत पेंशन देना के किए गए संशोधन पर एतराज जताते हुए सिरसा के पत्रकारों ने राज्यसभा सांसद व वरिष्ठ कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा को सिरसा प्रवास के दौरान एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई है कि पत्रकारों पर थोपे गए इस तुगलकी फरमान को वापिस करवाने के लिए शीतकालीन सत्र में विधानसभा में उठाया जाए। पत्रकारों के शिष्टमडल का मीडिया फाउंडेशन के चेयरमैन बलजीत सिंह,द पैस कल्ब सिरसा के अध्यक्ष राजेंंद्र कुमार व हरियाणा पैंशनर्स पत्रकार संघ के अध्यक्ष बी के दीवाकर ने किया।
संशोधित पेंशन नीति में कहा गया है कि अगर किसी पत्रकार पर एफआईआर दर्ज हुई तो उसे पेंशन नहीं दी जाएगी।महज एफआईआर दर्ज होने से ही कोई व्यक्ति दोषसिद्ध नहीं हो जाता। ऐसे में केवल एफआईआर दर्ज होने पर उसे पेंशन से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है।
एक परिवार में एक ही सदस्य को पत्रकार पेंशन के लायक समझना पत्रकार का अपमान है। अगर पत्रकार की पत्नी, भाई या कोई अन्य पारिवारिक सदस्य भी पत्रकारिता से जुड़ा हो तो उसे पेंशन से वंचित कैसे किया जा सकता है। पेंशनधारक पत्रकार के निधन पर उसके जीवनसाथी को पूरी पेंशन पाने का हक था, लेकिन अब उसे घटाकर आधा कर दिया गया है। यानी पहले पत्रकार का देहांत होने पर उसके जीवन साथी को दस हजार पेंशन मिलती थी और अब उसकी पेंशन दस हजार से बढ़ाकर 15 हजार करने की बजाय सरकार ने घटाकर 7500 रुपए कर दिया है। सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, मंत्री या विधायक के खिलाफ कोई मामला दर्ज होता है तो उसकी सभी सुविधाएं बंद नहीं की जाती तो पत्रकारों पर ही यह क्यों थोपा जा रहा है।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने शुक्रवार को पत्रकारों की बात को गंभीरता से सुना ओर कहा कि पत्रकारों की सुविधाओं पर कैंची चलाना गंभीर मामला है और कांग्रेस की सरकार बनने पर इस पॉलिसी को दुरुस्त करके लागू किया जाएगा।
इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ पत्रकार राजकमल कटारिया, संसार भूषण, राजेश कुमार, मुख्खत्यार सिंह हैप्पी, युवराज सिंह आदि शामिल थे।
सं.संजय
वार्ता
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