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पर्यटन राजधानी के साथ प्रत्येक वर्ग के नवोत्थान के लिए समर्पित बजट

धर्मशाला, 17 फ़रवरी (वार्ता) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए पेश किया गया बजट जिला कांगड़ा के नवोत्थान के लिए एक विस्तृत योजना लेकर आया है। बजट ने जिले के किसानों, पशुपालकों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के भीतर अभूतपूर्व ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार किया है। प्रदेश में वर्ष 2024-25 के लिए 58 हजार 444 करोड़ का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला कांगड़ा के प्रत्येक वर्ग के हितों की चिंता की है। जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने और प्रेदश को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लाया गया यह बजट सबकी आकांक्षाओं को समेटे है।
प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री ने अपने इस साल के बजट में भी पेश की। गग्गल हवाई अड्डा के विस्तार के लिए पुनर्वाय एवं पुनः स्थापन योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसके बाद भू-अधिग्रहण का कार्य आरम्भ कर दिया जाएगा। वहीं धर्मशाला के रक्कड़ और पालमपुर में 13-13 करोड़ रूपये की लागत से हेलीपोर्ट विकसित किये जाएंगे। इनका सर्वेक्षण होने के बाद डिजाइन प्राप्त किया जा चुका है तथा इनकी डीपीआर तैयार की जा रही है, जिसके तुरंत बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। स्वदेश दर्शन-2 के अन्तर्गत पौंग डैम क्षेत्र के विकास और प्रबन्धन के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया गया है।
अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने जिला कांगड़ा के युवाओं के लिए शिक्षा की अच्छी व्यवस्था उपलब्ध करवाने के साथ-साथ खेलों को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट की है। प्रथम चरण में प्रदेश में बनने वाले पाँच राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों में जिला कांगड़ा को अधिमान देते हुए उन्होंने नगरोटा बगवां और ज्वालामुखी के लाहड़ू में निर्माण कार्य शुरू करने की बात कही।
बजट में मुख्यमंत्री ने कृषि एवं पशुपालन विभाग के अन्तर्गत जिला कांगड़ा के जसूर, पासू तथा पालमपुर में मंडियों का उन्नयन की बात कही। उन्होंने प्रदेश में उच्च उपज बीजों के बहुलीकरण के लिए सरकारी फार्मस् को चरणबद्ध ढंग से पुनर्गठित करने की बात कही। जिसके तहत 2024 में जिला कांगड़ा में भट्टू फार्म को अपग्रेड किया जाएगा। इसके माध्यम से उच्च कृषि तकनीक, नर्सरी उत्पादन प्रदर्शित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने ‘हिम-गंगा’ योजना के अन्तर्गत ढगवार में 1.5 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाले पूरी तरह से स्वचलित दूध और दुग्ध उत्पाद संयत्र की स्थापना की घोषणा की। इस प्लांट के लिए भूमि उपलब्ध करवा दी गई है तथा इसकी क्षमता को बाद में बढ़ाकर 3 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जिले के पालमपुर और धर्मशाला नगर निगमों में सभी घरेलू उपभोक्ताओं को एनओसी प्राप्त करने के लिए नए भवनों में ‘सोलर वॉटर हीटिंग सिस्टम’ लगाना अनिवार्य किया जाएगा तथा इन निगमों में स्थित सरकारी भवनों की छत पर चरणबद्ध तरीके से सोलर प्लांट लगाने होंगे। प्रदेश में छः जिलों में 501 मेगावॉट की क्षमता वाले 5 सौर पार्क और 212 मेगावॉट की क्षमता वाली सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने का कार्य आरम्भ किया जाएगा, जिसमें जिला कांगड़ा भी शामिल है। वहीं जिला कांगड़ा के दैहन में सब स्टेशन के निर्माण का कार्य 2024-25 में पूरा कर लिया जाएगा।
सं.संजय
वार्ता
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