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मालविन्दर सिंह सिद्धू केस में वांछित मुलजिम कुलदीप सिंह गिरफ़्तार

चंडीगढ़, 20 फरवरी (वार्ता) पंजाब सतर्कता विभाग ने मंगलवार को ख़ाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामले विभाग, पंजाब के चालक कुलदीप सिंह को उच्चतम न्यायालय से उसकी ज़मानत याचिका खारिज किये जाने के बाद गिरफ़्तार कर लिया है।
विजीलेंस के प्रवक्ता ने बताया कि कुलदीप सिंह पुलिस थाना विजीलेंस ब्यूरो, उड़न दस्ता- 1 पंजाब, मोहाली में दर्ज किये गये एक मुकदमे में मालविन्दर सिंह सिद्धू, सहायक इंस्पेक्टर जनरल ( ए. आई. जी.) मानव अधिकार प्रकोष्ठ, पंजाब पुलिस से सम्बन्धित मामले में वांछित था, जिसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुये धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग, वसूली और सरकारी कर्मचारियों से रिश्वत लेने के सम्बन्धी मामले में सह दोषी है। इस मामले में दो मुलजिम एआईजी मालविन्दर सिंह सिद्धू और बलबीर सिंह, गाँव आलमपुर, ज़िला पटियाला को पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है।
प्रवक्ता ने बताया कि ए.आई. जी. सिद्धू सरकारी कर्मचारियों के खि़लाफ़ जान-बूझ कर झूठी शिकायतें दर्ज कराता था, जिससे उनको ब्लैकमेल किया जा सके और शिकायत ख़ारिज करने के बदले नाजायज लाभ लिये जाते थे। वर्ष 2017 के बाद, वह कभी भी विजीलेंस ब्यूरो, पंजाब में ए. आई. जी या आई. जी. के पद पर नहीं रहा। उन्होंने बताया
कि एआईजी सिद्धू ने एक सरकारी अध्यापक की सर्विस बुक की फोटो कापी लेने के लिये ब्लाक प्राइमरी शिक्षा अफ़सर, राजपुरा के दफ़्तर में काम करते एक डाटा आपरेटर को ख़ुद को आईजी, विजीलेंस ब्यूरो, पंजाब के तौर पर पेश किया था।
प्रवक्ता ने बताया कि ए. आई. जी. सिद्धू ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल घनौर के प्राचार्य को लिखित दरख़ास्त के इलावा स्कूल की ईमेल आईडी और उपरोक्त मुलजिम कुलदीप सिंह के द्वारा एक अन्य आवेदन भेज कर स्कूल से रिकार्ड हासिल किया। स्कूल में से अध्यापकों के लिये गये रिकार्ड की पड़ताल करने के लिये वह ज़िला समाज कल्याण अफ़सर, पटियाला को अपने साथ स्कूल लेकर गया और प्रिंसिपल से दो पृष्ठों के प्रोफार्मे पर दस्तखत करवाने की कोशिश भी की, लेकिन प्राचार्य ने फार्म और दस्तखत करने से इन्कार कर दिया था। उन्होंने बताया कि एक अन्य मामले में ए. आई. जी. सिद्धू ने उक्त बलबीर सिंह के द्वारा गुरूहरसहाय ज़िला फ़िरोज़पुर में कृषि विभाग के एक ब्लाक कृषि अफ़सर
का निजी रिकार्ड हासिल किया। इसके बाद उन्होंने जाली अनुसूचित जाति सर्टिफिकेट
रखने के लिये सम्बन्धित अधिकारी के खि़लाफ़ उसके विभाग में शिकायत भी दर्ज करवाई। इस शिकायत को वापस लेने के एवज़ में उसने अधिकारी से तीन लाख रुपये की माँग की
थी, जिसमें से डेढ़ लाख रुपये बलबीर सिंह और मलविन्दर सिंह सिद्धू ने गैर कानूनी तरीके से वसूल भी लिये थे। उन्होंने कहा कि इस केस सम्बन्धी आगे जांच जारी है।
ठाकुर.श्रवण
वार्ता
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