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कांग्रेस प्रत्याशी सिंघवी व भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन के बीच मुकाबला

शिमला, 27 फरवरी (वार्ता) हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर में मंगलवार को राज्यसभा की एक सीट के लिए मतदान हुआ। चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हर्ष महाजन के बीच मुकाबला है।
हिमाचल से राज्यसभा के भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन ने कहा है कि कांग्रेस के लोग बौखलाए हुए हैं और घबराए हुए हैं। इसलिए वह आश्वस्त हैं। कोई खरीद-फरोख्त नहीं हुई है। कुछ कांग्रेस विधायक सरकार से नाराज हैं और कुछ उनके काफी नजदीकी दोस्त भी हैं। मतदान के बाद कांग्रेस की बौखलाहट नजर आज रही है। बौखलाहट तभी नजर आती है अगर कुछ गड़बड़ी होती है। गड़बड़ी इसलिए हुई कि सरकार फेल है। सरकार से कांग्रेस विधायक भी नाराज हैं और जनता भी नाराज है। चुनावी गारंटियों को पूरा नहीं किया गया है। उधर, भाजपा ने कहा है कि सुक्खू सरकार बहुमत खो चुकी है।
विधायक आशीष शर्मा ने पहला वोट डाला। वोट डालने के लिए विधायक लाइनों में लगे रहे। प्रदेश में 68 विधायकों में कांग्रेस के 40, भाजपा के 24 और निर्दलीय 3 विधायक हैं। संख्या बल में सत्तारूढ़ दल कांग्रेस विपक्ष में बैठी भाजपा से बहुत आगे हैं। उधर, राज्यसभा सदस्य के लिए क्रॉस वोटिंग होने की चर्चा है। चर्चा है कि नौ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। क्रॉस वोटिंग करने वालों में छह कांग्रेस और तीन निर्दलीय बताए जा रहे हैं। इसे लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ अटकलों में इस आंकड़े को इससे कम भी बताया जा रहा है कि दो या तीन विधायकों ने ही ऐसा किया है। हालांकि, अभी इसकी कोई पुष्टि नहीं कर रहा है। शाम 5ः00 बजे के बाद चुनावी नतीजे आ जाएंगे। उसमें वास्तविक स्थिति साफ होगी।
चिंतपूर्णी के कांग्रेस विधायक सुदर्शन बबलू भी अस्वस्थता की हालत में राज्यसभा के सदस्य के लिए वोट डालने प्रदेश विधानसभा में पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के लिए शाम को मतगणना है। तभी कुछ बात करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस का कोई विधायक बिका नहीं होगा तो राज्यसभा सदस्य को 40 के 40 वोट मिलेंगे। मतगणना के बाद ही बात पक्की होगी।
वहीं, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि रात को बैठक में किसी ने कोई नाराजगी जाहिर नहीं की। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि कांग्रेस इसमें विजयी होगी। संकट की घड़ी जरूर है। एक उम्मीदवार भाजपा ने दिया है और उन्हें लगता है कि केंद्र सरकार का आशीर्वाद है। वह बहुत आश्वस्त होकर फील्ड में निकले हैं। सच बात यह है कि सरकार को बनाने की बात थी तो जितने भी विधायक जीतकर आए तो उन्हें आशा थी कि उन्हें कुछ न कुछ जरूर बनाया जाएगा। जैसे राजेंद्र राणा ने कहा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री धूमल को हराया। अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा है। उन्हें भरोसा भी दिलाया गया है कि वक्त आएगा और उन्हें स्थान दिया जाएगा। इससे कांग्रेस पार्टी मजबूत होगी।
भाजपा की सियासी चाल पर सबकी नजरें हैं। भाजपा की निगाह कांग्रेस की काली भेड़ों पर है, जिन्हें लक्षित कर प्रत्याशी दिया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का बतौर राज्यसभा सांसद कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव हो रहे हैं।
सं.संजय
वार्ता
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