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दवा घोटाले में उच्च न्यायालय के नोटिस के तीन साल बाद भी हरियाणा सरकार ने नहीं दिया जवाब

चंडीगढ़, 03 मई (वार्ता) हरियाणा में तीन सौ करोड़ के दवा खरीद घोटाले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के नोटिस के बाद पिछले 3 सालों में 8 बार सुनवाई के बावजूद प्रदेश सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया है और न ही कोई प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इस मामले में अदालत में याचिकाकर्ता जगविंदर कुल्हाड़िया के वकील प्रदीप रापडिया ने बताया कि 6 अप्रैल 2021 को उच्च न्यायालय ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्युरो को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
श्री रापडिया ने बताया कि अब उन्होंने मुख्यमंत्री, भ्रष्टाचार निरोधक ब्युरो के निदेशक और महाधिवक्ता से मामले में कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने बताया कि मामले में सुनवाई 21 मई को होने वाली है।
श्री रापडिया ने बताया कि पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने फतेहाबाद, हिसार, जींद, रेवाड़ी और रोहतक जिलों में दवाइयों और जांच उपकरणों की खरीद में 125 करोड़ रुपये की अनियमितताओं के दस्तावेज सार्वजनिक किए थे। साथ ही पूरे प्रदेश में दवा खरीद में करीब 300 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताई थी। लेकिन बाद में वह मामले को भूल गए और कभी कार्यवाही की माँग नहीं की । पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी कहा था कि इस मामले की जांच होगी, जो दोषी होगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा, लेकिन 3 साल के बाद भी आज तक एक एफ.आई.आर. तक दर्ज नहीं हुई!
महेश सैनी
वार्ता
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