Thursday, Jul 18 2024 | Time 16:15 Hrs(IST)
image
राज्य » पंजाब / हरियाणा / हिमाचल


सुक्खू की पत्नी कमलेश को विस उपचुनाव से टिकट दे ‘परिवारवाद’ की मिसाल पेश

शिमला, 18 जून (वार्ता) हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक और परिवार की एंट्री हो गई है। यह परिवार और कोई नहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का परिवार है। श्री सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर को कांग्रेस ने देहरा विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है जहां उपचुनाव होने वाला है।
कॉंग्रेस पार्टी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अक्सर ‘परिवारवाद’ को लेकर हमलावर रहती है। सोमवार को कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रियंका गांधी वाड्रा को वायनाड लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतार कर ‘परिवारवाद’ की ‘परिपाटी’ को आगे बढ़ाया तो वहीं दूसरी ओर मंगलवार को हिमाचल कांग्रेस भी उसी रास्ते पर चल पड़ी ।
श्री सुक्खू ने अपनी पत्नी कमलेश को देहरा विधानसभा सीट से उतार कर विपक्ष को ‘परिवारवाद’ के मुद्दे पर घेरने का एक और मौका दे दिया है। इससे पहले श्री सुक्खू भी ‘परिवारवाद’ के धुर विरोधी रहे हैं लेकिन अब जिस तरह से उन्होंने अपनी पत्नी को राजनीति में उतार दिया है उससे वह खुद ही विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। कांग्रेस हाईकमान ने श्री सुक्खू की पत्नी कमलेश को देहरा विधानसभा से प्रत्याशी बनाया है। अब श्रीमती कमलेश ठाकुर की टक्कर भाजपा के होशियार सिंह से होगी। श्रीमती कमलेश के मैदान में उतरने से देहरा में मुकाबला रोचक हो गया है। श्री सुक्खू ने हालांकि कुछ दिन पहले पत्नी के चुनाव लड़ने की खबरों को झूठी अफवाह बताया था। मगर कांग्रेस हाईकमान ने अब उनके नाम पर मोहर लगा दी है। देहरा में श्रीमती कमलेश का मायका है। इसलिए पार्टी हाईकमान ने श्रीमती कमलेश को यहां से मैदान में उतारा है।
देहरा से कमलेश ठाकुर को उतारने की दूसरी बड़ी वजह आज तक इस सीट को कांग्रेस द्वारा कभी न जीतना भी है। साल 2008 में परिसीमन के बाद देहरा सीट अस्तित्व में आई। साल 2012 में यहां से भाजपा के रविंद्र रवि चुनाव जीते। साल 2017 और 2022 में लगातार दो बार भाजपा के बागी होशियार सिंह यहां से विधायक चुने गए।
अब इस सीट पर चौथा चुनाव हो रहा है। मगर कांग्रेस का अब तक देहरा सीट से खाता तक नहीं खुल पाया। इसलिए कांग्रेस सीएम की पत्नी को बीजेपी के होशियार सिंह के सामने उतारा है। हालांकि साल 2022 के चुनाव में पार्टी ने यहां से डॉ. राजेश शर्मा को टिकट दिया था। तब वह चुनाव हार गए।
सूत्रों की माने तो पार्टी द्वारा देहरा में कराए गए सर्वेक्षण में भी श्रीमती कमलेश का नाम आगे बताया जा रहा था। मुख्यमंत्री सुक्खू ने संगठन के नेताओं से खुद भी कई बार फीडबैक लिया। इसके आधार पर श्रीमती कमलेश का टिकट तय किया गया।
इससे पहले श्रीमती कमलेश का नाम लोकसभा चुनाव में भी उछला था। चर्चा शुरू हुई थी कि उन्हें हमीरपुर सीट से कैसे उम्मीदवार बना सकते हैं। उस दौरान कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग में श्री सुक्खू ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की बेटी को भी हमीरपुर से टिकट देने की वकालत की थी, जबकि श्री अग्निहोत्री ने श्री सुक्खू की पत्नी को टिकट देने की मांग की थी।
सं.संजय
वार्ता
image