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राज्य » राजस्थान


रिश्वत लेने के आरोपी कुलपति एवं दलाल को भेजा जेल

अजमेर 10 सितम्बर (वार्ता) राजस्थान में अजमेर स्थित भ्रष्टाचार मामलों की विशेष अदालत ने आज महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति आर पी सिंह तथा नागौर झुंझाला के इंजीनियर राहुल मिर्धा कॉलेज के प्रतिनिधि महिपाल सिंह को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए जबकि मुख्य दलाल रणजीत चैधरी को पुलिस अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए गए।
सूत्रों के अनुसार रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को आज रिमांड़ की अवधि खत्म होने के बाद एसीबी की टीम ने न्यायालय में पेश किया। एसीबी ने न्यायालय से मुख्य दलाल रणजीत चैधरी के लिए पांच दिन की रिमांड अवधि की और मांग इस दलील के साथ की गई कि उससे अहम जानकारियां जुटानी है। न्यायालय ने मांग को स्वीकार करते हुए आरोपी रणजीत को 14 सितंबर तक पुलिस अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए जबकि कुलपति प्रो. आर पी सिंह एवं घूस की राशि लाने वाले महिपाल सिंह को 24 सितंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने के आदेश न्यायालय की ओर से दिए गए।
एसीबी के सीआई पारसमल ने बताया कि कुलपति के सैलरी एकाऊंट को भी अनुसंधान के दौरान फ्रिज किया गया है जिसमें 19 लाख 80 हजार रुपये की राशि जमा है। कुलपति के दलाल रणजीत चैधरी के भी चार बैंक अकाउंट को फ्रिस किया गया है जिसमें चार लाख 90 हजार रुपये की राशि जमा है। आने वाले दिनों मेंअनुसंधान में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि यह राशि कहां से और कैसे हासिल हुई।
उन्होंने बताया कि निजी महाविद्यालयों को मान्यता देने, परीक्षा पैनल तैयार कराने, इंस्पेक्शन पैनल भी अपने पक्ष मे कराने जैसे कार्यों के लिए रिश्वतखोरी का गोरख धंधा संभाग के अजमेर, टोंक, भीलवाड़ा, नागौर जिलों के निजी महाविद्यालयों में चलाए जाने के भी साक्ष्य मिल रहे हैं जो कि अनुसंधान का विषय है। एसीबी ने अब तक कुल नौ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।
अनुराग रामसिंह
वार्ता
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