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नेता कुर्सी पाने के लिये कुछ भी करने को तैयार हैं: खराड़ी

माउंट आबू, 24 मई (वार्ता) राजस्थान के जनजातीय क्षेत्रीय विकास एवं गृह रक्षा विभाग मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा है कि वर्तमान में नेता कुर्सी पाने और सत्ता में आने के लिये कुछ भी करने को तैयार हैं।
श्री खराड़ी शुक्रवार को राजस्थान में माउंट आबू के ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन एवं रिट्रीट के शुभारंभ के अवसर पर सम्बोधित कर रहे थे। ‘नई सामाजिक व्यवस्था के लिए दृष्टि और मूल्य- मीडिया की भूमिका’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में देशभर से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, रेडियो और वेब मीडिया से जुड़े संपादक और पत्रकार शिरकत करने पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि नेताओं का नैतिक स्तर का गिरना चिंता का विषय है। हम उस महान संस्कृति से आते हैं, जहां भरत जैसे राजा हुये, जिन्होंने 14 बरस अपने बड़े भाई श्रीराम के पैरो की खड़ाऊ रखकर शासन चलाया। वर्तमान में लोग पैसे कमाने के लिये किसी भी स्तर पर जाने को तैयार हैं। फिर से राम राज्य आयेगा, इसे कोई रोक नहीं सकता है। इसमें मीडिया को अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता बी के शिवानी दीदी ने कहा कि हमें मिलकर राम राज्य लाना होगा। इसके लिये एक- एक को संकल्प करना होगा। हमारे संस्कारों से ही रामराज्य और रावण राज्य बनता है। संस्कारों से संसार बनता है। यदि हमारे संस्कार दिव्य, पवित्र होंगे तो रामराज्य आयेगा। हमें आग लगाने वाली नहीं आग बुझाने वाली चिड़िया बनना है। हमें समाज को नयी दिशा देने वाला पत्रकार बनना है। हमें अपने संस्कारों को दिव्य बनाकर स्वर्णिम संसार लाना है। इसमें हर एक को अपनी सहभागिता निभानी है।
समारोह में भारतीय जनसंचार संस्थान के पूर्व महानिदेशक और जाने माने मीडिया गुरु प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि आज नारद जयंती है। उन्हें हम प्रथम संचारक कहते हैं। संचारक कभी एक स्थान पर नहीं रहते। उनका काम है लोक मंगल। उन्हें सभी प्यार करते हैं। उनकी प्रामाणिक दृष्टि थी, ऐसी ही दृष्टि पत्रकार की होनी चाहिए। पत्रकारिता किसके लिए, कैसी होनी चाहिये, यह बात यहां ब्रह्माकुमारी में सिखाई जाती है। हमारा जो भी ज्ञान है वह विश्व को सुख देने के लिये है। हमे मीडिया का भारतीयकरण करना पड़ेगा। हमारा संचार संवाद का है। हमें दूसरों को दोष देना बंद करना होगा। खुद समस्याओं का समाधान ढूंढना होगा।
सं.सुनील.श्रवण
वार्ता
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