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दूसरे गेम में एक समय सिंधू चार अंकों से 8-12 पर पिछड़ गयीं। सिंधू ने फिर गलती की और एक समय वह 10-15 से पीछे हो गयीं। भारतीय खिलाड़ी ने फिर अच्छा स्मैश लगाकर वापसी का प्रयास किया लेकिन ताई ने लगातार अंक लिये और स्कोर 19-15 पहुंचा दिया। दोनों खिलाड़ियों ने फिर मैच प्वांइट पर लंबी रैली खेली और ताई ने इसे जीतते हुये 21-16 से गेम और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
सिंधू इस हार के बाद काफी निराश नज़र आयीं। उन्हें इस साल राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में हमवतन सायना नेहवाल से हार का सामना करना पड़ा था जबकि विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में उन्हें कैरोलिना मारिन ने पराजित किया था।
भारत ने पिछले एशियाई खेलों के महिला टीम वर्ग में कांस्य पदक जीता था। लेकिन इस बार उसने रजत और कांस्य पदक जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर डाला। भारत का एशियाई खेलों में यह कुल बैडमिंटन का 10वां पदक था। इन 10 पदकों में एक रजत और नौ कांस्य पदक शामिल थे।
इससे पहले इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी ने ताइपे के तिएनचेन चोऊ को 21-18, 20-22, 21-15 से हराकर पुरूष एकल वर्ग का स्वर्ण पदक जीता। पुरूष युगल वर्ग का स्वर्ण पदक भी मेजबान इंडोनेशिया के हिस्से में गया।
राज प्रीति
वार्ता
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