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श्री पांडेय ने बताया कि इस योजना के तहत चिह्नित परिवार एक साल में पांच लाख रुपये तक का इलाज सरकारी अस्पतालों के अलावा इंपैनल्ड (सूचीबद्ध) निजी अस्पतालों में निःशुल्क करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र और बिहार सरकार के सहयोग से इस योजना का लाभ लाभुकों को प्राप्त होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निजी अस्पतालों से आॅनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्राप्त आॅनलाइन आवेदनों की जांच करने के बाद तय मानक के अनुसार अस्पतालों को सूचीबद्ध कर इलाज कराने की स्वीकृति विभाग द्वारा दी जाएगी।
श्री पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। इस योजना के तहत अस्पताल में प्रवेश करने से लेकर इलाज की व्यवस्था के साथ ही मरीजों के सहयोग करने के लिए आयुष्मान मित्र की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि भारत पहला ऐसा देश है, जहां सरकार जनता के स्वास्थ्य का खयाल रखने केे लिए इतनी बड़ी महत्वाकांक्षी एवं जनकल्याणकारी योजना चलाने जा रही है। उन्होंने कहा कि अब लोगों के इलाज के पैसे बचेंगे और उस पैसे को वे परिवार और घर के विकास में लगाएंगे। इससे जमीनी स्तर पर विकास में बदलाव दिखेगा एवं विकास को नई दशा एवं दिशा मिलेगी।
सूरज उमेश
वार्ता
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