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राज्य


राजनेताओं के विरुद्ध आक्रोश पर चुनाव आयोग की नजर

भोपाल, 03 सितंबर (वार्ता) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान सीधी जिले में पथराव की घटना और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक के पुत्र द्वारा धमकी देने के बाद बनी परिस्थितियों पर चुनाव आयोग नजर रखे हुए है।
मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) वी एल कांताराव ने आज यहां मीडिया से चर्चा के दौरान एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि हम घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं। हमें समय-समय पर जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मिलती रहती हैं। यदि जरूरी हुआ तो आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। रिपोर्ट आगे भेजी जाएगी और निर्देशानुसार काम किया जाएगा।
इसी संबंध में एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसी कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है, जिस पर हमें संज्ञान लेने की जरूरत पड़े।
सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा सोशल मीडिया पर महिला सुरक्षा को लेकर चल रहे एक राजनीतिक विज्ञापन के बारे में उन्होंने बताया कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस संबंध में एक शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा से इस बारे में सफाई मांगी गई है, क्योंकि उच्चतम न्यायालय के वर्ष 2004 के निर्देश के अनुसार राजनीतिक विज्ञापन के लिए पूर्व अनुमति जरूरी है, चाहे चुनाव का समय हो या नहीं।
श्री कांताराव ने बताया कि आयोग द्वारा 21 मई को दिए गए निर्देश पर सामान्य प्रशासन, राजस्व और गृह विभाग ने तीन वर्षो से ज्यादा से जिलों में पदस्थ या अपने जिलों में पदस्थ अधिकारियों के स्थानांतरण 31 अगस्त तक की निर्धारित समय सीमा में कर दिए हैं। इन विभागों में चुनाव से जुड़े अधिकारी जैसे निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर होते हैं। अन्य विभागों के लिए स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी अधिकारी किसी भी राजनीतिक दल के लिए काम नहीं करेगा।
उन्होंने बताया कि फोटोयुक्त मतदाता सूची के लिए आवेदन देने की तिथि 31 अगस्त से बढ़ाकर 7 सितंबर कर दी गई है। फोटोयुक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 27 सितंबर को होगा।
श्री कांताराव ने बताया कि 31 जुलाई को मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद आयोग को 15 लाख 67 हजार 192 आवेदन मिले हैं। इनमें आठ लाख 860 नाम शामिल करने, तीन लाख 77 हजार 450 नाम हटाने और तीन लाख 29 हजार 285 नाम सुधारने के संबंध में हैं।
पवन सुधीर
वार्ता
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