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मानवाधिकार हनन के कई मामले में आयोग ने लिया संज्ञान

भोपाल 04 सितंबर (वार्ता) मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग ने छिंदवाड़ा में आरोपी ने पीड़िता पर दुष्कर्म का केस लेने के लिए दबाव बनाने के मामले में पुलिस अधीक्षक से तीन सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है।
आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार छिंदवाड़ा में आरोपी ने पीड़िता पर दुष्कर्म का केस लेने के लिए दबाव बनाने व पीड़िता के न मानने पर पुनः उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में संज्ञान लेकर पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक छिन्दवाड़ा से तीन सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है।
आयोग ने जरारोग्य अस्पताल ग्वालियर में भर्ती मरीज की आॅक्सीजन के अभाव में मृत्यु हो जाने के मामले में प्रतिवेदन मांगा है। वहीं भोपाल के कोलार क्षेत्र में 18 साल पहले शुरू हुआ स्कूल भवन नहीं बन पाने के मामले में प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग से तीन सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है। भोपाल के हमीदिया अस्पताल में एक गूंगें मरीज के घंटों इलाज के इंतजार में स्ट्रेचर पर पड़े रहने के मामले में अस्पताल के अधीक्षक से जबाव तलब किया है।
भोपाल शहर की सड़कों पर आवारा घूमरे वाले जानवरों के कारण 21 महिनों में 102 हादसें हो जाने के मामले में नगर निगम आयुक्त से तीन सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है।
इसी प्रकार शाजापुर जिला चिकित्सालय में महिला चिकित्सक द्वारा गर्भवती महिला का इलाज करने के बजाए उसका पर्चा फैंककर उसके साथ बदसलूकी करने के मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से दो सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है।
नाग
वार्ता
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