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राज्य Share

मंत्री ने बताया कि राज्य में वित्त वर्ष 2016-17 से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सभी बेघर परिवारों तथा कच्चे और जीर्ण-शीर्ण मकानों में रह रहे परिवारों को बुनियादी सुविधा वाले पक्का आवास निर्माण के लिए एक लाख बीस हजार रुपये प्रति इकाई सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बताया कि इस योजना की मार्गदर्शिका के अनुसार स्वच्छ रसोईघर सहित 25 वर्गमीटर न्यूनतम जमीन की आवश्यकता निर्धारित की गई है।
श्री कुमार ने बताया कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रतीक्षा सूची में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अतिपिछड़ा वर्ग के कई ऐसे पात्र परिवार हैं, जिन्हें घर बनाने के लिए वास भूमि उपलब्ध नहीं है, जबकि स्थायी प्रतीक्षा सूची को अंतिम रूप देने के क्रम में भूमिहीन-वासहीन परिवारों को प्राथमिकता दी गई है। उन्हाेंने बताया कि आर्थिक रूप से पिछड़े होने के कारण ऐसे परिवार वासभूमि खरीद नहीं पाते हैं।
मंत्री ने बताया कि वासभूमि के अभाव के कारण ऐसे पात्र परिवार आवास निर्माण के लिए सहायता राशि प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं। उन्होंंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में यह एक विकराल समस्या है, जिसके कारण प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति भी प्रभावित होती है तथा पात्रता के बावजूद सरकार वैसे वासविहीन परिवारों को आवास मुहैय्या कराने में विफल हो जाती थी। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति को ध्यान में रखते हुये सरकार ने एससी, एसटी और अतिपिछड़ा वर्ग के प्रत्येक परिवार को वास भूमि खरीदने के लिए 60 रुपये सहायता देने का निर्णय लिया है।
सूरज सतीश
वार्ता
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