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राज्य


श्रीमती मुर्मू ने कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा उत्तीर्ण विद्यार्थियों की उपाधि में कुलपति या प्रतिकुलपति के हस्ताक्षर के बदले किसी अन्य का जैसे संकाय अध्यक्ष का हस्ताक्षर होने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुये कहा कि यह नियम के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाये। भविष्य में इस बिन्दु पर शिकायतें प्राप्त होने पर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने शिक्षकों की लंबित प्रोन्नति की समीक्षा करते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया।
राज्यपाल ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मियों को ससमय सेवानिवृत्ति एवं पेंशन का लाभ मिले, इसे सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि कि सभी एक न एक दिन सेवानिवृत्त होंगे, इस मामले में संवेदनशील होकर तत्परता से कार्य करें। कुलसचिव का दायित्व है कि वे पेंशन के लंबित मामले को दो माह के अन्दर निपटायें नहीं तो उन पर कार्रवाई की जायेगी।
बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डाॅ. नीरा यादव, योजना एवं वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, राज्यपाल के प्रधान सचिव डाॅ. नितिन कुलकर्णी, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सचिव राजेश कुमार शर्मा समेत रांची विश्वविद्यालय, विनोबा भावे विश्वविद्यालय, सिदो कान्हु विश्वविद्यालय, नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय, कोल्हान विश्वविद्यालय, बिनोद बिहारी महतो कोयलाचंल विश्वविद्यालय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति, वित्तीय सलाहकार एवं कुलसचिव उपस्थित थे।
सूरज
वार्ता
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