Wednesday, Sep 19 2018 | Time 14:44 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • तीन तलाक पर वोट बैंक की राजनीति कर रही है कांग्रेस : प्रसाद
  • मुर्हरम पर मजहबी सदभाव का प्रतीक है इटावा की “लुट्टस” परम्परा
  • प्रतियोगिता में दौड़ते समय गिरकर छात्र की मृत्यु
  • बुधनी से इंदौर तक नयी रेल लाइन को मंजूरी
  • कांग्रेस का राफेल सौदे पर कैग से व्यापक जांच का आग्रह
  • जन आंकाक्षाओं की चुनौती पर खरा उतरे पुलिस
  • तलचर उर्वरक कारखाने के शेयर निवेश प्रस्ताव को मंजूरी
  • सील तोड़ने पर मनोज तिवारी को सुप्रीम कोर्ट ने किया तलब
  • किसी नेता के अहम की संतुष्टि के लिए राफेल सौदे की जांच नहीं: प्रसाद
  • एससीएसटी एक्ट के खिलाफ महाजन के घर के बाहर प्रदर्शन
  • त्रिपुरा ने बंदरगाह इस्तेमाल की अनुमति के बंगलादेश के निर्णय का किया स्वागत
  • तीन तलाक पर अध्यादेश
  • गुजरात में विधायकों, मंत्रियों के वेतन में बढ़ोत्तरी
  • नन से दुष्कर्म के आरोपी बिशप जांच अधिकारी के समक्ष पेश
राज्य Share

हड़ताल पर चल रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों के बर्खास्तगी का अल्टीमेटम

गरियाबंद, 05 सितंबर (वार्ता) छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्वास्थ्य विभाग के सैकड़ों कर्मचारी पिछले एक माह से अधिक समय से हड़ताल में हैं, इसको देखते हुए स्वास्थ्य प्रशासन ने अल्टीमेटम जारी कर दिया है कि काम पर लौटे नहीं तो बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एस के तिवारी ने जिले के सभी हड़तालरत स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों तथा ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों को कार्य पर वापस लौटने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने बताया कि पिछले माह की एक तारीख से स्वास्थ्य पर्यवेक्षक तथा ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक हड़ताल पर हैं। चूंकि स्वास्थ्य से संबंधित सेवाएं सीधे तौर पर जनसामान्य की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी हुई है तथा हड़ताल की अवधि के दौरान मरीज की मृत्यु उपचार के अभाव में हो जाती है, तो इससे गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्वास्थ्यकर्मी के विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।
उन्होंने कहा कि इसके लिए कर्मचारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से कई राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित है, जो गंभीर अनुशासनहीनता है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों एवं ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों को आगामी दो दिनों के भीतर संबंधित कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने कहा है। इसके बाद भी यदि कोई स्वास्थ्य पर्यवेक्षक/संयोजक अनुपस्थित रहता है, तो उसके विरूद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण 1965 के प्रावधानों के तहत बर्खास्तगी की कार्यवाही की जायेगी।
सं बघेल
वार्ता
image