Friday, Nov 16 2018 | Time 10:38 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा बलों का खोजी अभियान शुरू
  • कानपुर पुलिस मुठभेड़ में शातिर बदमाश गिरफ्तार
  • सुरक्षा परिषद ने शांति सैनिकों की मौत पर शोक जताया
  • सबरीमला में तीर्थ यात्रियों के लिए इलैक्ट्रिक बसें
  • आतंकवादियोंं ने युवक का अपहरण करने के बाद हत्या की
  • जर्मनी में दोे बसों की टक्कर, 26 घायल
  • आज का इतिहास(प्रकाशनार्थ 17 नवंबर)
  • पूर्व सांसद प्रफुल्ल कुमार माहेश्वरी का निधन
  • थेरेसा मे नेब्रेक्थेरेसा मे ने ब्रेक्सिट योजना के साथ आगे बढ़ने का वादा कियासिट योजना के साथ आगे बढ़ने का वादा किया
  • खशोगी मामला: कनाडा प्रतिबंध पर कर रहा विचार: फ्रीलैंड
  • सीरिया में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ हवाई हमले में 105 की मौत
  • आतंकवाद और साइबर सुरक्षा के मुद्दे पर मिलकर काम करेंगे: अमेरिका
  • कांग्रेस ने राजस्थान चुनाव के लिए पहली सूची जारी की
  • वेंकैया ने जमनालाल बजाज फाउंडेशन पुरस्कार विजेताओं को किया सम्मानित
राज्य Share

दादूपुर नलवी परियोजना : किसानों से ब्याज के साथ मुआवजा मांगना “गैरकानूनी“ - सुरजेवाला

चंडीगढ़, 06 सितंबर (वार्ता) कांग्रेस नेता और कैथल से विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा सरकार के दादूपुर नलवी नहर परियोजना के तहत ली गई जमीन परियोजना रद्द होने के बाद लौटाने पर मुआवजा ब्याज समेत लौटाने के निर्देश को “अवैध“ और “तुगलकी फरमान“ करार दिया है।
श्री सुरजेवाला ने आज यहां कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के सिंगूर की जमीन लौटाने पर व्यवस्था दी थी कि उन्हें मुआवजा लौटाने की जरूरत नहीं है क्योंकि उन्हें दस साल अपनी जमीन से वंचित रखा गया था। उन्होंने कहा कि यही बात दादूपुर नलवी नहर परियोजना पर भी लागू होती है।
श्री सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने निर्देश दिया है कि जमीन मालिक या उनके कानूनी वारिसों को प्राप्त मुअावजे की रकम ब्याज (मुआवजा मिलने की तारीख से लौटाने की तारीख तक) जमा करानी होगी और उसके बाद उन्हें जमीन का कब्जा दिया जायेगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह सर्वोच्च न्यायालय के सिंगूर मामले में दिये आदेश का उल्लंघन है और कानून के पूरी तरह खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि मनोहर लाल खट्टर सरकार के निर्णय के अनुसार किसानों को लौटाई गई जमीन को कृषि योग्य बनाने के लिए इस दौरान सरकार की तरफ से निर्मित नहर, सड़कों और अन्य ढांचागत निर्माणों को हटाने में 40 लाख रुपये प्रति एकड़ खर्च करने होंगे। इस तरह यह किसानों पर दोहरी मार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का इरादा मामले को लटकाये रखना और किसानों को परेशान करना है।
श्री सुरजेवाला ने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस किसानों के साथ है और यदि वह अदालत का दरवाजा खटखटाना चाहेंगे तो पार्टी उन्हें हर संभव कानूनी सहायता देगी। उन्होंने कहा कि नहर परियोजना बंद करने से अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जिलों के 225 जिलों के किसानों को सिंचाई सुविधा नहीं मिल पायेगी।
श्री सुरजेवाला ने कहा कि अलावा इसके, परियोजना में अब तक जो निवेश किया गया, जो जनता की पसीने की कमाई से ही किया गया था वह सब पानी में गया। उन्होंने कहा कि सरकार जमीन अधिग्रहण के लिए 200 करोड़ नहरों के निर्माण के लिए 111़ 17 करोड़ और सड़क निर्माण पर 100 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है।
महेश विजय
वार्ता
More News
सबरीमला में तीर्थ यात्रियों के लिए इलैक्ट्रिक बसें

सबरीमला में तीर्थ यात्रियों के लिए इलैक्ट्रिक बसें

16 Nov 2018 | 10:23 AM

तिरुवनंतपुरम 16 नवंबर (वार्ता)केरल में भगवान अयप्पा के दर्शन करने जाने वालेेे सबरीमला तीर्थयात्री अब इलैैक्ट्रिक बसों में यात्रा कर सकेंगे।

 Sharesee more..
आतंकवादियोंं ने युवक का अपहरण करने के बाद हत्या की

आतंकवादियोंं ने युवक का अपहरण करने के बाद हत्या की

16 Nov 2018 | 10:12 AM

श्रीनगर, 16 नवंबर(वार्ता) दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकवादियों ने कल रात एक युवक का अपहरण करने के बाद गोली मार कर उसकी हत्या कर दी।

 Sharesee more..
image