Monday, Jul 22 2019 | Time 17:52 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • कर्नाटक विस में सोमवार शाम तक विश्वास प्रस्ताव पर होगा मतदान: रमेश कुमार
  • चांद पर उतरने की भारत की ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत: सिवन
  • पाँच वर्षों में प्रोटीन बार उद्योग 1000 करोड़ रुपये का
  • एशेज के लिये ख्वाजा के फिट होने की उम्मीद: पेन
  • एशेज के लिये ख्वाजा के फिट होने की उम्मीद: पेन
  • कर्नाटक विस में सोमवार शाम तक विश्वास प्रस्ताव पर होगा मतदान: रमेश कुमार
  • बठिंडा थर्मल प्लांट फिर से शुरू किया जाए : आप
  • ले जनरल नरवाने नये सेना उप प्रमुख नियुक्त
  • सेल ने चन्द्रयान -2 के लिए मुहैया करायी विशेष स्टील
  • मैंने भ्रष्टाचारियों को मारने की बात गुस्से में कही: मलिक
  • हापुड़ में भीषण सड़क हादसे में नौ बच्चों समेत दस बरातियों की मृृत्यु,17 घायल
  • मध्यप्रदेश के कई जिलों में बिजली गिरने की चेतवानी
  • इनेलो ने कीं अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ अध्यक्षों के नियुक्तियां
  • मानवाधिकार आयोग में महिला सदस्य के शामिल करने का स्वागत
राज्य


ममता ने पुलों की सुरक्षा के लिए निगरानी समिति का गठन किया

कोलकाता 06 सितंबर (वार्ता) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया है कि मझेरहाट पुल हादसे के लिए जो भी व्यक्ति जिम्मेदार होगा उसे कतई नहीं बख्शा जाएगा।
सुश्री बनर्जी ने नबान्ना में पुलों की सुरक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों को बताया कि राज्य में 20 पुुलों की हालत काफी खराब है और अगर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गयी तो उनके साथ कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने पुलों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंता व्यक्त की।
उन्हाेंने मझेरहाट पुल हादसे के कारणों की पता लगाने के लिए एक समिति का गठन किया है जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे। समिति अपनी रिपोर्ट सात दिनों में देगी और इस दौरान मेट्रो का निर्माण कार्य भी बंद रहेगा।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने पुलों की सुरक्षा के लिए एक निगरानी प्रकोष्ठ की स्थापना भी की है।
सुश्री बनर्जी ने घोषणा करते हुए कहा,“ इन पुलों की हालत को देखते हुए 20 पहिया बड़े वाहनों को फ्लाईओवरों तथा पुलों से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” इस संबंध में पुलिस आवश्यक नोटिस जारी करेगी
उन्होंने कहा,“ जब मेट्रो का काम शुरू हुआ था तो मैं रेल मंत्री थी और मैं हर प्रकिया से वाकिफ हूं। यह काम पिछले नौ वर्षों से जारी है और कईं लोग कह रहे हैं कि निर्माण कार्य के दौरान काफी कंपन होता है। मैं यह नहीं कह रही हूं कि पुल गिरने का यही कारण रहा होगा और मुख्य सचिव को अपनी रिपोर्ट को सौंपने दीजिए।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सियालदाह फ्लाईओवर के नीचे दुकानदार मरम्मत काम में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
पोस्ता फ्लाईओवर के बारे में उन्होंने कहा,“आईआईटी, खड़गपुर के विशेषज्ञों ने भी यह बात स्पष्ट तौर पर नहीं कही है कि क्या इस फ्लाईओवर को ढहा देना चाहिए या पहले से बने पुल का इस्तेमाल वाहनों के लिए किया जाना चाहिए।”
इसी बीच मझेरहाट पुल हादसे में मलबे से आज सुबह एक और व्यक्ति का शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गयी और एनडीआरएफ ने 40 घंटे से जारी अपना राहत एंव बचाव अभियान बंद कर दिया है। मलबे से मेट्रो रेल परियोजना से जुड़े एक दिहाड़ी कर्मचारी सह रसोइया गौतम मंडल का शव निकाला गया है।
एक अन्य व्यक्ति सोमेन बाग की पुल के नीचे दबने से मौत हो गयी थी। ये दोनों दिहाड़ी मजदूर थे और इन्हें गैमन इंडिया ने मेट्रो रेल के काम के लिए अनुबंधित किया था।
मामले की जांच में तेजी लाने के लिए राज्य सरकार ने लालबाजार और अलीपुर पुलिस कर्मचारियों को मिलाकर एक विशेष जांच दल का गठन किया है।
इस बीच ईस्टर्न रेलवे के इंजीनियरों की तीन सदस्यीय टीम ने अपनी प्रारंभिक जांच में बुधवार को कहा था कि पुल के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया जिसकी वजह से यह हादसा हुआ है। मेट्रो रेल ने कहा है कि पुल के गिरने में उसकी कोई लेना-देना नहीं है।
जितेन्द्र.श्रवण
वार्ता
image