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भाजपा सरकार के मंत्री अपने बच्चों को भेजें सरकारी स्कूल : कांग्रेस

लखनऊ 06 सितम्बर (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शिक्षक दिवस पर दिये गये बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कांग्रेस ने मांग की है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के मंत्री, विधायक, सांसद और अधिकारी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करवायें।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने गुरूवार को जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार अलग-अलग क्षेत्रों में जिस प्रकार उपदेशात्मक बातें करते रहते हैं जबकि उन्हें सच्चाई स्वीकार करते हुए पहले उन चीजों को अपने खुद एवं अपनी पार्टी के आचरण में लाना चाहिए, उसके बाद अपनी सोच को दूसरों पर थोपना चाहिए।
उन्होने कहा कि शिक्षक भर्तियों में व्यापक पैमाने पर धांधली की खबरें समाचारपत्रों की सुर्खियां बन रही हैं, इससे साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री शिक्षकों और सरकारी शिक्षा के प्रति कितना गंभीर हैं। जब शिक्षकों की भर्ती में इस प्रकार का भ्रष्टाचार किया जा रहा है तो शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में कल्पना की जा सकती है कि किस प्रकार पक्षपातपूर्ण तरीके से यह सरकार विभिन्न परीक्षाओं में धांधलियां कर रही है वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री यह कहकर कि हमारे प्रदेश में योग्य अभ्यर्थियों का अभाव है, शिक्षित बेरोजगार युवाओं का अपमान कर रहे हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि निजी स्कूलों में लोग अपने बच्चों को न पढ़ायें इसके लिए सबसे अधिक जरूरी है कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में उच्च गुणवत्ता बहाल करें। सभी स्कूलों में अध्यापक की विषयवार नियुक्ति, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय, बिजली की व्यवस्था आदि सुनिश्चित करनी होगी। निजी स्कूल उच्च गुणवत्ता देकर मनमानी तरीके से फीस वसूलकर आम जनता का शोषण कर रहे हैं, ऐसे में सरकारी शिक्षा में उच्च गुणवत्ता लाकर निजी स्कूलों से प्रतिस्पर्धा करके सरकारी शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सकता है, जिसे देश के कई राज्यों ने लागू भी किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा आज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जी पर किये गये तंज पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री ‘पर उपदेश कुशल बहुतेरे’ वाली कहावत चरितार्थ कर रहे हैं, उन्हें यह सब छोड़कर अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।
प्रदीप
वार्ता
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