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गिरते भूजल को रिचार्ज करने के लिये करें परम्परागत जल श्रोतों का जीर्णोद्धार

लखनऊ 06 सितम्बर, (वार्ता) उत्तर प्रदेश के ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महेन्द्र सिंह ने कहा है कि धरती के गिरते भूजल को रिचार्ज करने के लिए पुराने कुओं, तालाबों तथा परम्परागत जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत पुराने कुओं तथा तालाबों का जीर्णोद्धार करके उनके किनारे पीपल, पाकड़, जामुन, बरगद आदि के पौधे लगाने के निर्देश दिए गए हैं जिससे भूगर्भ जल रिचार्ज होता रहे। उन्होंने कहा कि भविष्य के आसन्न जल संकट को देखते हुए ग्राम्य विकास विभाग के अधीन जो भी भवन एवं अन्य निर्माण कार्य कराए जाएंगे उनमें वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का प्राविधान अनिवार्य रुप से किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम्य विकास मंत्री आज इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप पेयजल आपूर्ति हेतु प्रस्तावित संचालन एवं अनुरक्षण नीति-2018 पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। इस कार्यशाला में प्रदेश के समस्त जनपदों से आए ग्राम प्रधान, विकासखण्ड अधिकारियों, क्षेत्र प्रचायत अध्यक्षों, जल निगम के अधिकारियों तथा विश्व बैंक एवं दूसरे राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
डा0 सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नदियों का जाल फैला हुआ है और पर्याप्त जल सम्पदा भी है, इसका समुचित सदुपयोग एवं संरक्षण करने की जरुरत है। भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण अंचलों में आम जनता को निरन्तर एवं भरपूर शुुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। ग्रामीण क्षेत्रों में 2,60,110 बसावटें है। सभी क्षेत्रों तथा बुन्देलखण्ड जैसे कुछ क्षेत्रों में पेयजल की समस्या है इसको दूर करने के लिए मौजूदा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप के माध्यम से शुद्ध पेयजल आपूर्ति करने के लिए एक नीति तैयार की जा रही है।
ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि संचालित पेयजल परियोजनाओं तथा भविष्य में निर्मित होने वाली योजनाओं का संरक्षण जरुरी है। बिना जनता की भागीदारी के यह योजनाएं सफल नहीं हो सकती। इसीलिए जनता को बूंद-बूंद जल के संरक्षण तथा योजनाओं को अपनी योजना समझकर इसकी देख-रेख करने के लिए जागरुकता जरुरी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूपों को सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा। इसके साथ ही पेयजल आपूर्ति संबंधी परियोजनाओं के रखरखाव, आपरेटर के लिए वेतन आदि के लिए यूजर चार्जेज भी लगाया जाएगा।
उन्होने जनता से अपील किया कि शहरों की भांति ग्रामीण क्षेत्रों में जल का उपयोग करने के बदले यूजर चार्जेज देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं में आमजनता की सहभागिता जरुरी है। गुजरात में भागीरथी पाइप पेयजल योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रोें में पेयजल आपूर्ति की जा रही है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में भी पाइप के माध्यम से शुद्ध पेयजल सप्लाई करने के लिए नीति प्रस्तावित की गई है।
प्रदीप
वार्ता
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