Friday, Nov 16 2018 | Time 17:56 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • देश में 1023 विशेष अदालतें गठित होंगी
  • आयीआयीटी रुढ़की ने अमेरिकी विश्वविद्यालय के साथ लीडरशिप कार्यक्रम शुरू किया
  • स्टार्टअप में देशभर में बड़ा बदलाव लाने की क्षमता :प्रभु
  • कृषि क्षेत्र में नवाचार की सख्त जरुरत :प्रभु
  • स्टार्टअप में देशभर में बड़ा बदलाव लाने की क्षमता :प्रभु
  • कश्मीर में सीमावर्ती क्षेत्रों में तीन दिन बाद यातायात बहाल
  • कृषि क्षेत्र में नवाचार की सख्त जरुरत :प्रभु
  • विदेशी मुद्रा भंडार 12 करोड़ डॉलर घटा
  • ई सिगरेट पर केन्द्र का परामर्श राज्यों के लिए बाध्यकारी नहीं
  • मर्सिडीज बेंज की नयी कार लांच
  • सामाजिक कार्यकर्ता पर हमले का महिला समिति ने लिया संज्ञान
  • 15 करोड़ी क्लब में शामिल हुये रिषभ पंत
  • अनुबंधित कर्मियों ने किया आत्महत्या का प्रयास
  • पंजाब में आतंकवादियों की आशंका के कारण कड़े सुरक्षा प्रबंध
  • सीट बंटवारे को लेकर बिहार राजग में बढ़ रही तल्खी
राज्य Share

एस.मोहिन्दर ने ठुकरा दिया था मधुबाला का विवाह प्रस्ताव

..जन्मदिवस 08 सितम्बर के अवसर पर ..
मुंबई 07 सितंबर(वार्ता) बीते जमाने के मशहूर संगीतकार एस.मोहिन्दर को एक बार बेपनाह हुस्न की मल्लिका मधुबाला से शादी का प्रस्ताव मिला था जिन्हें उन्हें ठुकरा दिया था।
एस.मोहिन्दर मूल नाम मोहिन्दर सिंह सरना का जन्म अविभाजित पंजाब में मोंटगोमरी जिले के सिलनवाला गांव में 08 सितम्बर 1925 को एक सिख परिवार में हुआ। मोहिन्दर के पिता सुजान सिंह बख्शी पुलिस में सब इंस्पेक्टर थे। उनके पिता बांसुरी बहुत अच्छी बजाते थे जिसे वह बेहद प्यार से सुना करते थे1बचपन के दिनो से ही मोहिन्दर का रूझान संगीत की ओर हो गया था।
वर्ष 1935 में मोहन्दर ने गायक संत सुजान सिंह से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा लेनी शुरू की। बाद में उन्होंने संगीतज्ञ भाई समुंद सिंह से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली। मोहिन्दर ने महान शास्त्रीय गायक बड़े गुलाम अली खां और लक्ष्मण दास से भी शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ग्रहण की थी। मोहिन्दर के पिता का लगतार तबादला हुआ करता था जिसके कारण उनकी पढ़ाई काफी प्रभवित हुआ करती थी। चालीस के दशक के प्रारंभ में उनका दाखिला अमृतसर जिले के कैरों गांव में खालसा हाई स्कूल में करा दिया गया।
वर्ष 1947 में देश का विभाजन होने पर उनका परिवार तो भारत में पूर्वी पंजाब चला गया लेकिन संगीत के प्रति रूझान के कारण मोहिन्दर बनारस आ गये जहां उन्होंने दो साल तक शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली। शुरूआती दौर में मोहिन्दर पार्श्वगायक बनना चाहते थे। कुछ वर्ष तक वह लाहौर रेडियो स्टेशन से भी गायक के तौर पर काम किया इसी दौरान उनकी मुलाकात सुरैया से हुयी जिन्होंने उन्हें मुंबई आने का न्यौता दिया। मुंबई आने पर मोहिन्दर की मुलाकात जानेमाने संगीतकार खेमचंद्र प्रकाश से हुयी।
प्रेम टंडन
जारी वार्ता
image