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राजनीति मायावती बंद दो अंतिम लखनऊ

बसपा प्रमुख ने कहा कि बसपा सर्वसमाज के हित का ध्यान रखने वाली पार्टी है और इसीलिये देश में सबसे पहले अगणी जाति के ग़रीबों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने के लिये केन्द्र सरकार को चिट्ठी लिखी तथा संसद के भीतर और बाहर भी लगातार इसके लिये संघर्ष करती रही हैं। साथ ही, उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार के दौरान सामान्य वर्गो की सरकारी नौकरी में बहाली पर लगी रोक को हटाकर इनको स्थाई रोजगार दिलाये गये थे।
सुश्री मायावती ने आरोप लगाया कि एससी/एसटी कानून की आड़ में सत्ताधारी भाजपा और इनके पैतृक संगठन आरएसएस घिनौनी राजनीति कर रहे हैं जिनके इशारे पर कल भारत बंद का आयोजन किया गया। इसकी आड़ में भाजपा सरकार जनता के असली और ज्वलन्त मुद्दों से ध्यान बांटने का असफल प्रयास कर रही है। इस बात का सबसे बड़ा सबूत यह है कि कल बन्द का ज्यादातर असर हमें उन्हीं राज्यों में देखने के लिये मिला है जिन राज्यों में भाजपा की अकेले या फिर इनके सहयोगी दलों की मिली-जुली सरकारें चल रही हैं।
उन्होने कहा कि यह बात जग-जाहिर हो चुकी है कि इनकी सरकारों की गलत आर्थिक नीतियों और कार्यशैली की वजह से देश में सर्वसमाज में गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई काफी ज्यादा बढी है। काफी अपरिपक्व तरीके से लागू किये गये नोटबन्दी और जी.एस.टी. की जबरदस्त मार जनता झेलने को मजबूर है।
प्रदीप
वार्ता
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