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दो सिमी कार्यकर्ताओं का तीन-तीन वर्ष का कारावास

उज्जैन, 07 सितंबर (वार्ता) मध्यप्रदेश के उज्जैन के न्यायालय ने प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के दो कार्यकर्ताओं को आज तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया और दो अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
अभियोजन के अनुसार खंडवा पुलिस ने सिमी के प्रमुख कार्यकर्ता इमरान अंसारी को 25 जुलाई 2006 को गिरफ्तार किया था। उससे मिली सूचना के बाद उज्जैन पुलिस ने पाया कि सिमी का सक्रिय कार्यकर्ता मोहम्मद अकील कुरैशी अपने साथी मोहम्मद शफी के साथ धार्मिक भावनाओं को भड़का रहा था। पुलिस ने अकील कुरैशी को घर से गिरफतार किया था।
पुलिस को अकील ने पूछताछ में बताया कि उसने सिमी के लिए चंदा एकत्रित किया और संगठन के सरगना इमरान अंसारी को दिया। पुलिस ने इमरान अंसारी, मोहम्मद नईम व मोहम्मद शफी को संगठन की उज्जैन शाखा से जुड़ा पाया था। पुलिस ने इनको आरोपी बनाकर 4 नवम्बर 2009 को गिरफ्तार किया था।
प्रथम श्रेणी न्यायिक न्यायालय के न्यायाधीश विवेक जैन ने आज यहां आरोपी मोहम्मद शफी और मोहम्मद अकील को विभिन्न धाराओं में तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई। दो अन्य आरोपी मोहम्मद नईम एवं इमरान को दोषमुक्त कर दिया गया।
अहमदाबाद के साबरमती जेल में बंद मोहम्मद शफी को पुलिस आज ही उज्जैन के न्यायालय लाई थी।
सं सुधीर
वार्ता
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