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अनशन के 14 वें दिन हार्दिक अस्पताल में भर्ती, किडनी, लीवर समेत सभी जांच सामान्य, पास ने सरकारी अस्पताल से हटाया

अहमदाबाद, 07 सितंबर (वार्ता) पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के नेता हार्दिक पटेल का गत 25 अगस्त से शुरू हुआ अनशन आज 14 वें दिन भी जारी रहा हालांकि तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें पहले सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया लेकिन उनके समर्थकों ने देर रात उन्हें एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित करा दिया।
पास के प्रवक्ता मनोज पनारा ने यूनीवार्ता को बताया कि सरकारी सोला सिविल अस्पताल में प्राथमिक चिकित्सा के बाद उन्हे निजी क्षेत्र के एसजीवीपी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पाटीदार आंदोलनकारियों के पूर्व के अनुभव के चलते उन्हें सरकार अथवा सरकारी अस्पताल पर भरोसा नहीं। इसलिए उन्हें वहां से हटा लिया गया है।
यहां सोला सिविल अस्पताल के अधीक्षक डा़ आजेश देसाई ने बताया कि हार्दिक के किडनी और लीवर के संबंधी सभी जांच सामान्य हैं। रक्तचाप और अन्य जांच भी सामान्य हैं। उन्हें नस के जरिये तरल ग्लूकाेज दिया गया था। उनके रक्त में पोटैशियम और सोडियम आदि इलेक्ट्रोलाइट भी संतुलित हैं।
इससे पहले श्री पनारा ने बताया था कि हार्दिक की तबीयत बिगड़ने तथा सांस लेने में तकलीफ के चलते विशेष सरकारी एंबुलेंस से सोला सिविल अस्पताल की छठी मंजिल पर मेडिसिन विभाग के आपात चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया था। उन्होंने हालांकि कहा कि अभी उनका अनशन समाप्त नहीं हुआ है। उन्हें सरकारी अस्पताल से हटा लिया गया है ताकि सरकार कोई षडयंत्र न कर सके।
पूर्व में उनके कार्यक्रमों के बाद हिंसा के चलते सरकार से बाहर अनशन की अनुमति नहीं मिलने पर हार्दिक ने गत 25 अगस्त से यहां ग्रीनवुड रिसार्ट स्थित अपने आवास पर ही अनशन शुरू कर दिया था। सरकार की ओर से बातचीत की पहल नहीं होने से नाराज होकर कल शाम से पानी पीना भी बंद कर दिया था। उन्हें मनाने तथा अनशन समाप्त करने का प्रयास करने के लिए पाटीदारों की लेवुआ उपजाति (हार्दिक स्वयं कड़वा उपजाति के हैं) की शीर्ष धार्मिक संस्था खोडलधाम ट्रस्ट के चेयरमैन नरेश पटेल ने राजकोट से यहां आकर आज उनसे मुलाकात भी की।
बाद में उन्होंने कहा कि हार्दिक ने उनसे कहा है कि उनकी तीनों मांगों , किसानों की रिण माफी, पाटीदार अारक्षण और राजद्रोह के मामले में उनके साथी अल्पेश कथिरिया की जेल से रिहाई को लेकर खोडलधाम तथा उमिया धाम (कड़वा पाटीदारों की शीर्ष धार्मिक संस्था) सरकार से बात करे। उनके लिए तथा पाटीदार समुदाय के लिए 14 दिन से उपवास कर रहे तथा पिछले 18 घंटे से पानी छोड़ चुके हार्दिक का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता की चीज है। वह चाहते हैं कि वह जितनी जल्दी हो सके और संभव हो तो आज ही वह अपना उपवास समाप्त कर दें। वह एक दो दिन में सरकार से बात करने जायेंगे। वह सरकार पर इस बारे में दबाव भी बनायेंगे। सरकार की ओर से किसी प्रतिनिधि को उनसे बात करने आना चाहिए।
उधर, राज्य के ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार किसी से भी बातचीत के तैयार है। उन्होंने कहा कि हालांकि हार्दिक और उनकी टीम ने पाटीदार संस्था के प्रतिनिधियों का अपमान किया है। हार्दिक को कांग्रेस से पाटीदार आरक्षण के बारे में उसके रूख को स्पष्ट करने को कहना चाहिए। सरकार हार्दिक समेत किसी से भी बात कर सकती है पर समुदाय के नाम पर राजनीति करने वालों से राजनीतिक ढंग से ही पेश आया जायेगा। बाद में श्री पनारा ने कहा कि सरकार कल पूर्वाह्न 11 बजे तक बातचीत के समय और स्थान स्पष्ट करे। हालांकि देर रात तक सरकार की ओर से कोई ऐसा प्रस्ताव नहीं मिला है। उधर, समझा जाता है कि अगर कोई अन्य बाधा नहीं हुई तो श्री नरेश पटेल तथा पाटीदार संगठनों के अन्य प्रतिनिधि कल श्री सौरभ पटेल, शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह चूडासमा, राजस्व मंत्री कौशिक पटेल तथा गृह राज्य मंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा की चार सदस्यीय समिति से राजधानी गांधीनगर में बातचीत हो सकती है।
हार्दिक ने इससे पहले गत 30 और 31 जुलाई को पानी का त्याग किया था पर एक सितंबर से फिर से पानी पीना शुरू कर दिया था।
इस बीच, पिछले कुछ दिनों से सरकारी डाक्टरों से जांच में पूरा सहयोग नहीं करने वाले हार्दिक के कल शाम के मूत्र के नमूने में एसीटोन की मात्रा बढ़ने से उन्हें एक बार फिर जल्द से जल्द अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गयी थी। उनका रक्तचाप और नब्ज आदि हालांकि सामान्य था। उन्होंने वजन कराने से आज भी इंकार कर दिया था तथा आज फिर अनशन स्थल पर रक्त और मूत्र के नमूने जांच के लिए नहीं दिये थे।
ऐसा अनुमान था कि श्री नरेश पटेल की मध्यस्थता के बाद आज उन्हें यहां सोला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है। और ऐसा ही हुआ है। वह पिछले कुछ समय से चक्कर अाने तथा पेट दर्द की भी शिकायत कर रहे थे। डाक्टरों का कहना था कि अस्पताल में ले जाये बिना उनका उचित इलाज संभव नहीं। उधर पास प्रवक्ता श्री पनारा ने इस तरह की अटकलों को खारिज कर दिया कि हार्दिक को बेंगलुरू के उस प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया जा रहा है जहां दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की खांसी और मधुमेह का सफल उपचार हुआ था।
इस बीच किसानों की रिण माफी की हार्दिक की मांग के समर्थन में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने आज राज्यव्यापी धरने का अायोजन किया जिसके तहत सभी जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय अनशन का भी आयोजन किया गया।
रजनीश
वार्ता
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