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लाठीचार्ज के विरोध में धरने पर बैठे किसान

बीकानेर 08 सितंबर (वार्ता) राजस्थान में गंगानगर जिले के पदमपुर में कल मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा के दौरान उनके मार्ग पर काल झंडे लेकर मौजूद किसानों को वहां से खदेड़ने के लिये पुलिस द्वारा बल प्रयोग करने के विरोध में आज किसानों ने पदमपुर थाने के सामने धरना लगा दिया।
किसान नेताओं की अगुवाई में बड़ी संख्या में आस पास के गांवों के किसान पदमपुर पहुंचे और थाने के सामने धरने पर बैठ गये। इस दौरान मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल, गंगानगर किसान समिति के संयोजक रणजीतसिंह राजू, अखिल भारतीय किसान सभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य शोपतराम मेघवाल, जिला परिषद के पूर्व डायरेक्टर कालूराम थोरी, राकेश ठोलिया, मंगल सिंह, डॉ सिकंदर कंग सहित कई नेता धरने पर बैठे। धरनास्थल पर ही किसानों की हुई आमसभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर लाठीचार्ज जैसे दमन चक्र चलाकर किसानों को दबाने-कुचलने में लगी है, लेकिन इससे किसान डरने वाले नहीं हैं। सरकार की ऐसी दमनात्मक कार्रवाईयों का कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने किसान नेताओं एवं अन्य लोगों पर संगीन धाराओं में दर्ज की गई प्राथमिकियों पर आक्रोश जताते हुए चेतावनी दी कि अगर मुकदमे वापस नहीं लिये गये और किसी की गिरफ्तारी की गई तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
उधर कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी पदमपुर में तैनात किये गये हैं। कई पुलिस अधिकारी भी पदमपुर भेजे गये हैं। फिलहाल वहां स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में बताई गई है। कल की घटना को लेकर पुलिस ने कई किसान नेताओं सहित करीब 150 व्यक्तियों पर पुलिसकर्मियों की हत्या का प्रयास करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोपों में मुकदमे दर्ज किये हैं। इस लाठीचार्ज और झड़प में महिला थाना के प्रभारी सीआई नरेन्द्र पूनिया चेहरे पर पत्थर लगने से गम्भीर रूप से घायल हो गये, जबकि दूसरी तरफ पुलिस बलों द्वारा किये गये लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोडऩे और प्लास्टिक की गोलियां दागने से करीब एक दर्जन किसान नेता घायल हो गये।
उल्लेखनीय है कि किसान नरमा की खरीद समर्थन मूल्य पर करने, किसानों को बीमा कम्पनियों की प्रीमियम लूट से बचाने और फिरोजपुर फीडर के जीर्णोद्वार करने की मांगों को लेकर पिछले कुछ दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा से पहले जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया था और आग्रह किया था कि मुख्यमंत्री के आगमन पर समिति के शिष्टमण्डल को इन मांगों के संदर्भ में मिलवाया जाये।
जिला प्रशासन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर किसान काले झंडे लेकर गंगानगर-पदमपुर मार्ग पर सीसी हैड के नजदीक धरना लगाकर बैठ गये। शाम करीब सवा छह बजे मुख्यमंत्री पदमपुर में आमसभा को सम्बोधित करके गंगानगर को रवाना होने से पहले पुलिसबलों ने इन किसानों को खदेड़ने के लिये लाठीचार्ज किया। जवाब में किसानों ने जमकर पथराव किया, जिसमें पुलिस अधिकारी नरेन्द्र पूनिया घायल हो गये।
पुलिस ने 14 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को जेड प्लस की सुरक्षा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री के पदमपुर में आमसभा के बाद गंगानगर जाने वाली थी। रास्ते में सीसी हैड के पास मौजूद किसानों में से कुछ ने मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा में विध्न डालने की साजिश की थी। इसलिए इनको हल्के बल का प्रयोग करते हुए वहां से खदेड़ा गया था।
सुनील पारीक अशोक
वार्ता
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