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आरटीआई कार्यकर्ता जिंदान के परिवार को 20 लाख की सहायता

शिमला, 09 सितंबर (वार्ता) हिमाचल प्रदेश सरकार ने आज दलित सूचना अधिकार कार्यकर्ता केदार सिंह जिंदान के परिवार को 20 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की। जिंदान की दो दिन पहले सिरमौर जिले के शिलाई उपमंडल में उनके गांव वकारास में हत्या की गई थी।
सहायता की घोषणा शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने विरोध कर रहे परिजनों, दलित कार्यकर्ताओं और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) विधायक राकेश सिंघा उनसे यहां मिले।
प्रदर्शनकारियों को कल रात जब शव के साथ मुख्यमंत्री के आवास पर प्रदर्शन करने जाते समय रिज पर रोका गया तो वह वहीं बारिश से बचने के लिए एक आश्रय स्थल पर धरने पर बैठ गये थे। शिक्षा मंत्री आज उनसे वहां जाकर मिले।
पुलिस परिजनों की मांग पर जिंदान का शव पोस्ट मार्टम के लिए शिमला लाई थी। जहां इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में पोस्टमार्टम किया गया तथा शाम को शव परिजनों को सौंपा गया था। उसीके बाद प्रदर्शनकारियों ने अचानक शव के साथ मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन का फैसला किया।
श्री भारद्वाज ने इसीके साथ घोषणा की कि जिंदान की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जायेगी और उनके बेटे की शिक्षा का खर्च भी सरकार उठायेगी।
शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद परिजन जिंदान का शव अंत्येष्टि के लिए पैतृिक गांव लेकर गये।
पुलिस ने इस हत्या के आरोप में ग्राम पंचायत उपाध्यक्ष जय प्रकाश व गोपाल नामक दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि जिंदान ने जय प्रकाश के खिलाफ सूचना अधिकार के तहत जानकारियां मांगी हुई थीं।
आरोप है कि जिंदान को पहले सरिये से मारा गया और फिर एक कार से कुचला गया। पुलिस ने पहले इसे सड़क दुर्घटना का मामला बताकर दबाने की कोशिश की पर बाद में हत्या का मामला दर्ज किया।
जिंदान दलितों पर अत्याचार के मामले उठाते रहते थे।
सं महेश विजय
वार्ता
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